एशिया कप 2025 और टी-20 वर्ल्ड कप के बीच क्रिकेट की दुनिया का सबसे उद्दंड और बदमाश बच्चा बनता जा रहा है पाक क्रिकेट. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने इस्लामाबाद में सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात कर सोशल मीडिया साइट ‘X' पर ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ के साथ एक प्रोडक्टिव मुलाक़ात हुई और उन्होंने सभी विकल्पों को कायम रखते हुए मसले को सुलझाने के निर्देश दिये. इस बात पर सहमति बनी कि फ़ाइनल फ़ैसला शुक्रवार या अगले सोमवार को लिया जाएगा.”
पाकिस्तान ने की फिर पैंतरेबाज़ी
पाकिस्तान ने भाग लेने के अपने विकल्पों की बात कर मामले को शुक्रवार या अगले सोमवार तक फ़ैसले को टाल दिया है. यानी वर्ल्ड कप से पहले 8 से 5 दिन पहले तक वो आईसीसी को लटकाकर रखना चाहता है. साफ़ है पीसीबी आगे और भी आईसीसी को तंग करने की कोशिश करेगा.
दुनिया के किसी भी क्रिकेट एक्सपर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप में टॉप चार टीमों में पहुंचती नहीं दिख रही. ऐसे में टूर्नामेंट के दौरान भी इस टीम से भी खेल से ज़्यादा तमाशे की उम्मीद करना ग़लत नहीं होगा.
वर्ल्ड क्रिकेट के सेंटर में नहीं है पाकिस्तान
पाकिस्तान जिस तरह से वर्ल्ड क्रिकेट के सामने पेश आ रहा है, ऐसा लगता है कि पीसीबी को ये भ्रम हो चला है कि वही वर्ल्ड क्रिकेट के सेंटर में है. और ये भी, कहीं उसने वर्ल्ड कप से बाहर जाने का फ़ैसला किया तो वर्ल्ड क्रिकेट या आईसीसी को भारी नुकसान हो जाएगा. यही भ्रम उसे भारत-पाकिस्तान सीरीज़ को लेकर भी रहा है. जबकि, भारत की दूसरे देशों के साथ द्वपक्षीय सीरीज़ भी उतनी ही लोकप्रिय साबित होती रही है.
वर्ल्ड क्रिकेट में पाकिस्तान की हिस्सेदारी
वर्ल्ड क्रिकेट में पाकिस्तान का शेयर 6-7% ही है. एक नज़र सभी क्रिकेट बोर्ड के 2024 से 2027 के रिवेन्यू शेयर पर डालें तो ये तस्वीर और साफ़ होती है.
- BCCI – भारत- 38.5% (2.2 बिलियन डॉलर)
- ECB- इंग्लैंड- 6-7 % 55 मिलियन डॉलर
- CA-ऑस्ट्रेलिया- 6-7 % 55 मिलियन डॉलर
- PCB- पाकिस्तान- 6-7 % 55 मिलियन डॉलर
- CWI- वेस्ट इंडीज़- 3-4% -मिलियन डॉलर
- BCB- बांग्लादेश- 2-3%-
पाकिस्तान के बगैर फलफूल रहा है IPL
पाकिस्तान क्रिकेट के खिलाड़ियों ने सिर्फ़ 2008 के IPL में हिस्सा लिया. 2611 के आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेटर्स दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को लेकर तरसते ही रहे. पाकिस्तान को ये भी लगता रहा कि उसके बगैर आईपीएल चल नहीं पाएगा.
पाकिस्तानी क्रिकेटरों के बगैर आईपीएल तेज़ी से फलता- फूलता रहा है. आईपीएल फफ़्रेंचाइज़ीज़ की कीमत 2008 में करीब 724 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 6500 करोड़ रुपया) से 2026 में बढ़कर 18.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (36,000 करोड़ रुपया) हो गई है. यानी आईपीएल के अपने दमपर उसमें 100 से 125% की बढ़ोतरी हुई है.
पाकिस्तान क्रिकेट और PSL के लिए वजूद बचाना होगा मुश्किल
पाकिस्तान अगर आईसीसी को और परेशान कर उल्टे-सीधे फ़ैसले लेता है तो उसे काफ़ी महंगा पड़ सकता है. जबकि, वर्ल्ड क्रिकेट को इसका बहुत ज़्यादा असर शायद ही पड़े.
भारतीय IPL की तर्ज पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 2016 में PSL पाकिस्तान सुपर लीग की शुरुआत की. पिछले 10 साल में भी इसकी कीमत 2026 में 117 करोड़ भारतीय रुपया तक ही पहुंच पाई है.
अगर आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर अनुशासनहीनता के लिए उनपर किसी तरह का प्रतिबंध लगाता है तो उनके PSL के लिए भी वजूद बचाने की लड़ाई शुरू हो सकती है.
दूसरी बाइलैटरल सीरीज़ भी हैं सुपरहिट
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड फ़िलहाल इस मुगालते में है कि उनके बगैर वर्ल्ड क्रिकेट की दुनिया डगमगा जाएगा. जबकि आज के दौर में भारत जिस भी देश के साथ क्रिकेट खेलता है उसकी वैल्यू बढ़ जाती है.
आज क्रिकेट फ़ैन्स भारत-ऑस्ट्रेलिया, भारत-इंग्लैंड, भारत-द.अफ़्रीका या भारत-श्रीलंका, भारत-न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के मैचों को बड़े चाव से देखते हैं. ऐशेज़ और दूसरे बड़े टूर्नामेंट भी वर्ल्ड क्रिकेट के एलीट और लोकप्रिय टूर्नामेंट हैं.
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