Ind vs Nz Final: रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी र कुल मिलाकर तीसरी बार टी20 विश्व कप (T20 World Cup) खिताब जीतने वाली टीम इंडिया की चौतरफा प्रशंसा हो रही है. खिलाड़ियों के घर-घर में चर्च हैं. टीम के सदस्यों को गृहनगर लौटने पर पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत किया जा रहा है, तो इसी बीच साल 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे और वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने X पर संदेश पोस्ट कर अलग ही विवाद छेड़ दिया है. वैसे जब मीडिया ने गृहनगर पटना लौटने पर विजेता टीम के सदस्य ईशान किशन ने आजाद के पोस्ट किए गए संदेश पर जवाब भी दिया.
कीर्ति ने X पर लिखा, 'शर्म करो टीम इंडिया! जब हमने कपिल देव के नेतृ्त्व में साल 1993 में विश्व कप जीता था, तो हमारी टीम में मुसलिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे. तब हम ट्रॉफी को हम अपनी धार्मिक जन्मभूमि,भारत जन्मभूमि लेकर आए थे. लेकिन अब भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को इस तरह क्यों घसीटा जा रहा है
मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं?
यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है. सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं!
सिराज इसे कभी मस्जिद नहीं ले गए. संजू इसे कभी चर्च नहीं ले गए. जबकि बाद संजू की खिताबी जीत में बड़ी भूमिका थी और वे 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' थे.
यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है. यह किसी एक धर्म की विजय यात्रा नहीं है!
बहरहाल, इस विषय पर जब पटना हवाई अड्डे लौटे पत्रकारों ने इशान किशन से सवाल किया, तो उन्होंने इसका ऐसा जवाब दिया कि मीडिया को अपना सवाल बदलने पर मजबूर होना पड़ा. इशान का जवाब वायरल हुआ, तो कीर्ति आजाद भी प्रशंसकों के निशाने पर आ गए.
अब ये जो भाई साहब बोल रहे हैं, वो आपके सामने है














