T20 World Cup 2026: ICC से फटकार के बाद लाइन पर आने लगे पाकिस्तानी दिग्गज, इंजमाम ने PCB से की यह अपील

पाकिस्तान के तेवर दिखाने के बाद ICC चेयरमैन जय शाह ने पड़ोसी को सीधा मैसेज दिया, तो न केवल अगले दिन पाकिस्तन टीम का ऐलान हो गया, तो कल तक बड़ी-बड़ी बातें कर रहे पूर्व कप्तान और दिग्गजों के सुर एकदम से बदल गए हैं

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पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक
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Pakistan on T20 World Cup 2026: पिछले दिनों बांग्लादेश के भारत में टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में न खेलने पर अपनाए अड़ियल रुख को लेकर पाकिस्तानी (Pakistan) पूर्व दिग्गज एक समय बहुत ही उछल रहे थे. पूर्व कप्तान राशिद लतीफ तो यहां तक चले गए थे कि भारत को सबक सिखाए जाने की जरूरत और पाकिस्तान हटा तो टीम इंडिया को मेगा इवेंट में युगांडा से खेलना पड़ेगा और इसे विश्व कप की विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी. बहरहाल, आईसीसी की फटकार ने आईना दिखाया, तो तमाम पाकिस्तानी दिग्गज भी अपनी टीम को विश्व कप में खेलने के मुद्दे पर लाइन पर आते दिख रहे हैं.  कई पूर्व कप्तानों और क्रिकेटरों ने कहा है कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह विश्व क्रिकेट की शीर्ष संस्था (ICC) से अपने रिश्ते खराब न करे और बांग्लादेश के समर्थन में अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट की कीमत पर कोई कदम न उठाए. पूर्व खिलाड़ियों और बोर्ड अधिकारियों ने एक सुर में कहा है कि पीसीबी द्वारा आगामी टी20 विश्व कप में भागीदारी पर फैसला टालना उचित नहीं है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी या नाम वापस लेने पर शुक्रवार या सोमवार तक की समयसीमा तय की है। यह स्थिति बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद बनी. इस मुद्दे पर पूर्व कप्तान पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक़ और मोहम्मद यूसुफ़  सहित कई पाकिस्तनी क्रिकेट हस्तियों ने साफ-साफ कहा है कि  अंतिम निर्णय लेते समय पाकिस्तान को हर पहलू को ध्यान में रखना चाहिए. 

दिग्गज इंजमाम-उल-हक की राय

पाकिस्तान के महानतम बल्लेबाजों में से एक इंजमाम ने कहा, 'निजी तौर पर मैं चाहूँगा कि पाकिस्तान विश्व कप में खेले. हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं और हमारे क्रिकेट को ज़रूरत है कि टीम बड़े टूर्नामेंट में अच्छा खेले.' पूर्व टेस्ट बल्लेबाज़ हारून रशीद, जो वरिष्ठ और जूनियर दोनों टीमों के कोच और मुख्य चयनकर्ता रह चुके हैं, का मानना है कि पाकिस्तान विश्व कप में हिस्सा लेगा क्योंकि बाहर रहने की कोई ठोस वजह नहीं है. उन्होंने कहा, टहमने बांग्लादेश का समर्थन किया, यह अच्छी बात है. हमने एक सैद्धांतिक रुख अपनाया, लेकिन अब समय है कि हम अपने क्रिकेट हितों को भी देखें.' इस मुद्दे पर  एक और पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज़ का मानना है कि पीसीबी को पाकिस्तान टीम को विश्व कप में भेजना चाहिए, जबकि पूर्व पीसीबी चेयरमैन खालिद महमूद और सचिव आरिफ़ अली अब्बासी भी टीम को न भेजने के निर्णय का कोई तर्क नहीं देखते. 

पूर्व PCB चीफ बोले , न भेजकर क्या हासिल होगा?

अब्बासी ने कहा, 'मैं समझता हूँ कि पाकिस्तान बांग्लादेश का समर्थन कर रहा है, लेकिन टीम को न भेजकर पीसीबी क्या हासिल करेगा? इसके अलावा यह भी हमें सुनिश्चित करना होगा कि आईसीसी और उसके सदस्य बोर्डों से रिश्ते खराब हों? अब्बासी, जिन्होंने बोर्ड में जगमोहन डालमिया और आई. एस. बिंद्रा जैसे दिग्गजों के समय काम किया, ने कहा कि पीसीबी को टीम भेजनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा, 'हमारे श्रीलंका से रिश्तों का क्या होगा? पाकिस्तान नहीं जाता है तो श्रीलंका को नुकसान होगा, क्योंकि हमारे सभी मैच वहीं होने हैं, जिनमें भारत के खिलाफ मैच भी शामिल हैं.' महमूद ने कहा कि पीसीबी का रुख सराहनीय है, लेकिन उसे समझदारी रखनी चाहिए और पाकिस्तान क्रिकेट के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए.

मोहसिन खान भी टीम को भेजे जाने के पक्षधर

उन्होंने कहा, 'हमें याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान को छोड़कर किसी अन्य बोर्ड ने बांग्लादेश की मांग का समर्थन नहीं किया. मैं बांग्लादेश बोर्ड की दलील समझ सकता हूँ, लेकिन यह भी सच है कि आईसीसी बैठक में किसी ने उनका साथ नहीं दिया.' पूर्व टेस्ट बल्लेबाज़ और पूर्व मुख्य चयनकर्ता व कोच मोहसिन खान ने भी पीसीबी से टीम को विश्व कप भेजने की अपील की. उन्होंने कहा, 'हमारे भारत से मुद्दे हैं, लेकिन हमारे सभी मैच श्रीलंका में ही हैं.'मोहसिन ने  यह भी बताया कि उन्होंने पढ़ा है कि बांग्लादेश बोर्ड आईसीसी के फैसले के खिलाफ अपील या चुनौती नहीं करेगा.
'ऐसे में फिर पीसीबी किस आधार पर टीम को विश्व कप में नहीं भेजेगा? यह हमारे क्रिकेट के लिए ठीक नहीं होगा.'

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