Ranji Trophy 2025–26 Final: जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी का खिताब जीतने का कमाल कर दिखाया है. कर्नाटक के खिलाफ मैच ड्रा पर खत्म हुआ, और पहली पारी के बढ़त के आधार पर जम्मू कश्मीर चैंपियन बना. जम्मू और कश्मीर के इस ऐतिहासिक खिताब जीत में गेंदबाज औकिब नबी ने निर्णायक भूमिका निभाई और पहली पारी में 5 विकेट लेने में सफल हो गए हैं. औकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में अपना शानदार कैंपेन जारी रखते हुए इस सीज़न में 60 विकेट पूरे किए, और टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए. औकिब नबी के नंबर एक ऐसे बॉलर की कहानी बताते हैं जो अपनी सबसे अच्छी लय, लगातार एक्यूरेसी, तेज़ मूवमेंट और बड़े मौकों पर अच्छी गेंदबाजी करने का जज़्बा रखता है. नबी ने इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैच दर मैच शुरुआती ब्रेकथ्रू और अहम स्पेल किए जिसके कारण जम्मू और कश्मीर की टीम इतिहास रचने में सफल रही है.
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इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने के चार्ट में दूसरे नंबर पर रहने से लेकर अब 60 विकेट लेकर सबसे आगे रहने तक, इस सीज़न में औकिब का परफॉर्मेंस उनके धीरज और विकास दोनों को दिखाती है. इससे भी ज़रूरी बात यह है कि उनकी गेंदबाजी को देखकर पूर्व क्रिकेटर रिएक्ट कर रहे हैं और उन्हें टीम इंडिया में लाने को लेकर सिफारिश कर रहे हैं.
सौरव गांगुली
सौरव गांगुली ने एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर ने दुनिया को दिखाया है कि कोशिश और इरादा क्या कर सकता है। उन्होंने उस इलाके को उन पर गर्व महसूस कराया है. मुश्किल माहौल लोगों को सख्त बनाता है. आकिब नबी देश के रंग में रंगने की राह पर हैं. गर्मियों में इंग्लैंड से शुरुआत करनी चाहिए.
परवेज़ रसूल
औकिब नबी के पहले सीनियर J&K कैप्टन परवेज़ रसूल ने क्रिकबज़ को बताया कि नबी को श्रीनगर में ट्रेनिंग के लिए 60 किलोमीटर का सफ़र करना पड़ता था. रसूल या IPL के तेज़ गेंदबाज़ रसिक सलाम की भी यही कहानी थी. रसूल कहते हैं, "70 के दशक में हमारे पास दो ग्राउंड थे, अब भी हमारे पास सिर्फ़ दो ग्राउंड हैं. "हां, सरफेस बेहतर हुए हैं, और प्रैक्टिस पिचें भी आई हैं, लेकिन हम उससे आगे नहीं बढ़ पाए हैं. बच्चों ने बहुत मेहनत की है.
कौन है औकिब नबी
J&K के तेज गेंदबाज शुरू से ही डेल स्टेन के फैन रहे हैं और उनके बॉलिंग एक्शन की नकल करना उनके लिए बस एक और शौक था. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए नबी ने कहा था. “बड़े होते हुए, वह मेरे आइडल थे. मुझे उनका एक्शन और उनका विकेट सेलिब्रेशन बहुत पसंद था. मैं डेल स्टेन की बॉलिंग बहुत देखता था. उनकी बॉलिंग में सब कुछ कविता जैसा था.”
दाएं हाथ के इस बॉलर ने अबतक 40 फर्स्ट-क्लास मैच, 36 लिस्ट A और 34 T20 मैच खेले हैं और वह एक अनुभवी गेंदबाज रहे हैं. उन्होंने 2020 में झारखंड के खिलाफ अपना FC डेब्यू किया, 2018 में हरियाणा के खिलाफ अपना पहला लिस्ट A मैच खेला, जबकि 2019 में झारखंड के खिलाफ अपना T20 डेब्यू किया था. अबतक 40 फर्स्ट-क्लास मैच में 151 विकेट, लिस्ट ए में 56 विकेट और टी-20 में 43 विकेट लिए हैं.
‘बारामूला के डेल स्टेन'
नबी के साथी उन्हें “डिसिप्लिन्ड” और “फोकस्ड” बताते हैं, जबकि J&K के कप्तान पारस डोगरा उन्हें अब तक के “सबसे बेहतरीन पेसर में से एक मानते हैं. लोकल मीडिया ने उन्हें “थंडरबोल्ट” जैसे टाइटल दिए हैं, और कुछ तो उन्हें “बारामूला का डेल स्टेन” भी कहते हैं. नबी एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े जहां उनका परिवार चाहता था कि वह डॉक्टर बनें. वह भी सफेद यूनिफॉर्म पहनने का सपना देखते हैं, लेकिन भारत के टेस्ट जर्सी का.
पिछले रणजी सीजन में, इस पेसर ने J&K के लिए 13.93 रन की औसत से 44 विकेट लिए. किसी और सीमर ने 35 विकेट पार नहीं किए थे. और सिर्फ विदर्भ के स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स हर्ष दुबे ही उनसे ज्यादा ज्यादा विकेट लेने वालों में रहे. अगस्त में, नबी ने बेंगलुरु में दिलीप ट्रॉफी मैच में ईस्ट ज़ोन के खिलाफ चार गेंदों में चार विकेट लेकर सुर्खियां बटोरीं. तब से लेकर अबतक नबी लगातार आगे बढ़ रहे हैं.













