भारत के महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. अभी सिर्फ 17 साल के अन्वय देश के प्रमुख अंडर-19 वनडे क्रिकेट टूर्नामेंट, 'विनू मांकड़ ट्रॉफी' में धूम मचा रहे हैं. सोमवार को दिल्ली के खिलाफ कर्नाटक की ओर से खेलते हुए, अन्वय ने 207.32 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 41 गेंदों पर जबरदस्त 85 रन बनाए. चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए अन्वय ने सात छक्के और पांच चौके जड़े, जिससे उनकी टीम का स्कोर 418/4 तक पहुंच गया. कर्नाटक ने यह मैच 198 रनों से जीता.
दिलचस्प बात यह है कि मैच में द्रविड़ का मुकाबला महान सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग से था. आर्यवीर ने दिल्ली के लिए कप्तानी की और बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों पर 32 रन बनाए. अन्वय और आर्यवीर दोनों हाल ही में भारत की U19 टीम में शामिल हुए हैं, और नवंबर में आगामी U19 एशिया कप के लिए चुने जाने की उम्मीद है. हालांकि, सोमवार को दोनों मैदान पर प्रतिद्वंद्वी थे.
अन्वय, विशेष रूप से, वीनू मांकड़ ट्रॉफी में असाधारण फॉर्म में हैं. मध्यक्रम के बल्लेबाज ने कर्नाटक के पिछले गेम में चंडीगढ़ के खिलाफ सिर्फ 62 गेंदों में 104 रन बनाए. यह मध्य क्रम में बल्लेबाजी के लिए आने के बाद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी था. इससे पहले, अन्वय ने जुलाई में श्रीलंका के भारत यूथ वनडे दौरे के दौरान तुरंत अपनी छाप छोड़ी थी, जब उन्होंने हंबनटोटा में दूसरे मैच में 67 गेंदों पर 87 रन बनाए थे. इस पारी में नौ चौके और एक छक्का शामिल था, हालांकि भारत वह मैच आठ विकेट से हार गया था.
उन्होंने सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ यूथ ODI सीरीज में भी अपना शानदार फॉर्म जारी रखा. राजकोट में बारिश से प्रभावित पहले मैच में, अन्वय ने सिर्फ 18 गेंदों पर 38 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के और दो चौके शामिल थे. इससे भारत ने 20 ओवर के मैच में छह विकेट पर 182 रन बनाए. आखिरकार भारत ने सात रन से जीत हासिल की.
अन्वय की हालिया पारी ने इस बात को और मजबूत किया है कि वह छोटे फॉर्मेट में विपक्षी गेंदबाजों पर हमला करने में तेज़ी से सहज हो रहे हैं. पारी के आखिर में तेज़ी से रन बनाने की उनकी क्षमता इस टूर्नामेंट के दौरान साफ़ तौर पर दिखी है; चंडीगढ़ के खिलाफ़ उनका शतक और सोमवार को तेजी से बनाई गई हाफ-सेंचुरी उनके रिस्क लेने के जज़्बे को दिखाती है.
हाल ही में अन्वय के प्रदर्शन से पता चलता है कि 17 वर्षीय खिलाड़ी एक विध्वंसक खिलाड़ी है, जो कि महान राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी के तरीके के बिल्कुल विपरीत है. टेस्ट क्रिकेट में अपनी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी के लिए राहुल द्रविड़ को 'द वॉल' उपनाम से जाना जाता था. भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक, राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड है. 16 साल से अधिक लंबे करियर में राहुल द्रविड़ ने 23,000 से अधिक रन बनाए. वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बाद भारत के सर्वकालिक तीसरे सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं.
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