Prithvi Shaw: "यह उसे सही रास्ते पर..." केविन पीटरसन ने पृथ्वी शॉ को दिया सफलता का 'गुरु मंत्र'

Kevin Pietersen on Prithvi Shaw: इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने पृथ्वी शॉ की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ऊर्जा फिट होने में लगानी चाहिए और अगर उन्हें एक बार फिर सफलता का स्वाद चखना है तो सोशल मीडिया से दूर रहना चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
केविन पीटरसन ने पृथ्वी शॉ को दिया सफलता का 'गुरु मंत्र'

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने पृथ्वी शॉ की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ऊर्जा फिट होने में लगानी चाहिए और अगर उन्हें एक बार फिर सफलता का स्वाद चखना है तो सोशल मीडिया से दूर रहना चाहिए. साव ने किशोरावस्था में डेब्यू करते हुए टेस्ट शतक बनाया था. 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी.

भारत के पूर्व वनडे विशेषज्ञ मोहम्मद कैफ सहित कई लोगों को लगता है कि उनके मैदान के बाहर के व्यक्तित्व ने निश्चित रूप से उनके मैदानी खेल को प्रभावित किया है. पीटरसन ने 'एक्स' पर लिखा,"खेल में वापसी की कुछ बेहतरीन कहानियां हैं. अगर पृथ्वी शॉ के आस पास अच्छे लोग हैं जो उनकी सफलता की परवाह करते हैं तो वे उन्हें सोशल मीडिया से दूर रहने और पूरी तरह से फिट होने के लिए ट्रेनिंग करने को कहेंगे. यह उसे सही रास्ते पर वापस ले आयेगा जहां पिछली सफलता वापस हासिल की जा सकती है. वह बहुत प्रतिभाशाली हैं."

हाल में साव को अधिक वजन और अनफिट होने के कारण मुंबई रणजी टीम से बाहर कर दिया गया था. उनकी सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में वापसी हुई लेकिन अभी तक कुछ खास नहीं कर पाए हैं. मंगलवार को पृथ्वी शॉ के पास खुद को साबित करने और अपने आलोचकों का मुंह बंद करने का मौका था, लेकिन यह बल्लेबाज फ्लॉप रहा और सर्विस के खिलाफ खाता भी नहीं खोल पाया. सर्विस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया था और मुंबई के लिए पारी की शुरुआत करने आए शॉ सिर्फ तीन गेंदों का सामना कर पाए और खाता भी नहीं खोल पाए. मौजूदा सीजन में शॉ दूसरी बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे हैं.

अनुशासन की कमी और फिटनेस का मुद्दा, यह दो अहम कारण दिए जा रहे हैं, जो पृथ्वी शॉ के इस खराब दौर के लिए हैं. हालांकि, शॉ के बचपन के कोच संतोष पिंगुटकर प्रतिभाशाली क्रिकेटर के करियर में ऐसे बुरे दौर को देखकर बेहद निराश हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा,"वह अभी सिर्फ 25 साल का है. उसके हाथ में अभी भी उम्र है. अगर वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में टिके रहना चाहता है तो कड़ी मेहनत से वापसी कर सकता है." "वह अभी सिर्फ 25 साल का है. उसके हाथ में अभी भी उम्र बाकी है. अगर वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में टिके रहना चाहता है तो कड़ी मेहनत से वापसी कर सकता है."

यह भी पढ़ें: SMAT: अर्जुन तेंदुलकर को लगा जोर का झटका, नीलामी में मुंबई द्वारा खरीदे जाने के बाद इस टीम से हुए ड्रॉप

Advertisement

यह भी पढ़ें: नार्वे शतरंज टूर्नामेंट में डेब्यू करेंगे अर्जुन एरिगेसी, विश्वनाथन आनंद के बाद ऐसा करने वाले हैं दूसरे भारतीय

Featured Video Of The Day
India और Pakistan को मिला T20 Cricket World Cup 2028 का डायरेक्ट टिकट! Australia का क्या हुआ?
Topics mentioned in this article