इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) अभी शुरुआती दौर में ही है. और सभी टीमों का अपने-अपने अभियान का आगाज का दौर जारी है. इसी कड़ी में आज न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) के महाराज यदविंद्र इंटरनेशन स्टेडियम में प्रिटी जिंटा की पंजाब किंग्स का मुकाबला गुजरात टाइटंस (PBSK vs GT) से होगा, लेकिन मुकाबले से इतर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं मेगा टूर्नामेंट और मॉडर्न इंडिया क्रिकेट के सबसे बड़े सुपरस्टारों में से एक श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) और शुभमन गिल (Shubman Gill). ये दोनों ही अपनी-अपनी टीम के कप्तान हैं. इन्होंने पिछले साल मेगा इवेंट के 18वें संस्करण में बल्ले से जमकर आग उगली, लेकिन दोनों ही टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. दोनों को ही भारत के टी20 फॉर्मेट में जगह नसीब नहीं है. यह हैरान करने वाला तो है ही, तो वहीं इस बात का प्रमाण भी है कि वर्तमान में टीम इंडिया इस फॉर्मेट में कितनी ज्यादा ताकतवर हो चली है.
दोनों कप्तानों का 2025 में हल्ला बोल!
पिछले साल मेगा इवेंट के 18वें संस्करण में अय्यर और गिल दोनों ही सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में शीर्ष 6 बल्लेबाजों में शामिल थे. अब जब टी20 विश्व कप टीम चयन से पहले टूर्नामेंट हो रहा था, तो सभी ने तूफानी प्रदर्शन करने में कोई कोर-कसर नहीं ही छोड़ी. तब गिल 15 मैचों की इतनी ही पारियों में 50 के औसत, 155.87 के स्ट्राइक रेट से 650 रन बनाकर चौथे नंबर पर रहे. इसमें 6 अर्द्धशतक भी शामिल थे.
वहीं, श्रेयस अय्यर ने भी बल्ले से जमकर भोकाल मचाया. अय्यर ने पंजाब की कप्तानी करते हुए 17 मैचों की इतनी ही पारियों में 50.33 के औसत, 175.07 के स्ट्राइक-रेट से 604 रन बनाकर छठे नंबर पर रहे थे. अय्यर ने भी 6 अर्द्धशतक जड़े थे, लेकिन इतने तूफानी प्रदर्शन के बावजूद दोनों ही टी20 विश्व कप की टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे थे.
इसलिए नहीं मिली दोनों को टी20 विश्व कप टीम में जगह
अय्यर और गिल दोनों ने ही प्रदर्शन से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर एंड कंपनी की मनोदशा पर जोरदार वार किया था, लेकिन दोनों को ही मेगा इवेंट के लिए टीम में जगह नहीं मिल सकी थी. दरअसल टी20 विश्व कप से करीब 7-8 महीने पहले टीम इंडिया में बतौर उप-कप्तान लौटे शुभमन गिल भारत के लिए 15 टी20 मैच खेले, लेकिन वह इसमें एक भी अर्द्धशतक नहीं बना सके. वहीं, सेलेक्टरों की पॉलिसी भी बदल चुकी थी. वह ओपनिंग के लिए 140 नहीं, बल्कि 170-180 के स्ट्राइक-रेट वाला ऐसा बल्लेबाज देख रहे थे, जो विकेटकीपर भी हो. सैमसन और इशान किशन इसी नीति का फल हैं.
वहीं, आईपीएल में तूफानी प्रदर्शन के बावजूद श्रेयस अय्यर इलवेन में फिट नहीं हो पा रहे थे. नंबर-3 इशान किशन ने कब्जा ली थी, तो नंबर-4 पर खुद कप्तान सूर्यकुमार यादव थे. ऐसें इन नंबरों के लिए अय्यर वैकल्पिक बन चुके थे, तो इससे नीचे क्रम पर उन्हें फिट करना संभव नहीं था. XI में उन्हें फिट कर पाना बहुत दूर की कौड़ी हो चला था, तो वहीं बाहर बेंच पर उन्हें बैठाए रखने का कोई मतलब नहीं था. यही वजह रही कि पिछले संस्करण में तूफानी प्रदर्शन के बावजूद दोनों ही सुपरस्टारों को टी20 विश्व कप में खेलना का सपना सिर्फ सपना ही बन कर रह गया.














