- जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा पर रणजी ट्रॉफी फाइनल के दौरान केवी अनीश को सिर से हेड-बट मारने का आरोप है.
- बीसीसीआई के मैच रेफरी नारायणन कुट्टी मैच फीस का पचास प्रतिशत जुर्माना लगाना प्रस्तावित कर सकते हैं.
- पारस डोगरा ने कहा कि विवाद गर्मागर्मी में हुआ और इसे फाइनल मुकाबले की परिस्थिति का हिस्सा बताया.
Paras Dogra physical altercation with KV Aneesh: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा पर बुधवार को रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन कर्नाटक के सब्स्टिट्यूट फील्डर केवी अनीश को जानबूझकर सिर से मारने (हेड-बट) के लिए मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लग सकता है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के मैच रेफरी नारायणन कुट्टी की तरफ से जुर्माने की आधिकारिक घोषणा मैच खत्म होने के बाद ही होगी. लेकिन प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी के साथ मारपीट करने पर सजा और मैच प्रतिबंध लगता है. इस मामले में हालांकि घरेलू क्रिकेट के इस स्टार को कम सजा मिल सकती है.
डोगरा पहले दिन नौ रन पर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. वह दूसरे दिन अब्दुल समद के रूप में जम्मू-कश्मीर का तीसरा गिरने पर वापस क्रीज पर आए. प्रसिद्ध कृष्णा ने 41 साल के कप्तान डोगरा का स्वागत लगातार शॉर्ट गेंद फेंककर किया. वहीं करीब के क्षेत्ररक्षकों ने इस पर मैदान पर कुछ फब्तियां भी कीं जिसमें 'सिली प्वाइंट' पर खड़े अनीश भी शामिल थे.
पारी के 101वें ओवर में डोगरा ने प्रसिद्ध की गेंद को अजीब तरह से खेला और यह खाली थर्ड स्लिप से बाउंड्री के लिए निकल गई. फिर देखा गया कि डोगरा मैदानी अंपायर अंपायर रोहन पंडित और उल्हास गांधे का ध्यान दिलाने के बाद अनीश की ओर दौड़े और धीरे से अनीश को सिर से मारा जिन्होंने भी करीब से फील्डिंग करने के कारण हेलमेट पहना हुआ था.
फिर मयंक अग्रवाल भागे और बीच बचाव करने आए. फिर उनकी बहस हो गई जिसके बाद कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल खुश नहीं थे और अंपायरों से बात करते दिखे. हालांकि अनीश ने जो छींटाकशी की, उसके बारे में पता नहीं चला है. लेकिन डोगरा ने इस घटना पर कहा कि यह गर्मागर्मी में हुआ था.
मंगलवार को दिन का खेल समाप्त होने के बाद हुई घटना के बारे में बात करते हुए डोगरा ने कहा,"यह कोई बड़ी बात नहीं है, गुस्से में आकर ऐसा हो गया. इस तरह की कहा-सुनी होती रहती है, खासकर जब आप फाइनल खेल रहे हों. हमने स्थिति को वहीं शांत कर दिया. उसके बाद वह फिर से बात करने लगा."
कन्हैया वधवान, जो घटना के समय नॉन-स्ट्राइकर छोर पर थे, ने भी घटना को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा-सुनी का ब्योरा देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा,"ऐसा होता है, खेल का हिस्सा है. स्लेजिंग होती रहती है - दोनों तरफ से हो रही थी. थोड़ी हमारी तरफ से और थोड़ी उनकी तरफ से. जानबूझकर कुछ नहीं किया गया था. मामला जल्द ही सुलझ गया."
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