T20 World Cup 2026 में 'शुक्रवार' को बड़ा जीवनदान मिलने के बावजूद पाकिस्तान टीम इस बड़े मौके को शनिवार को पल्लेकल में श्रीलंका (Sl vs Pak) के खिलाफ भुनाने में नाकाम रही. और करो या मरो के मुकाबले में सेमीफाइनल के लिए 'जरूरी टारगेट' हासिल करने में विफल रहने के बाद वर्ल्ड कप से बाहर हो गई. शनिवार को पाकिस्तान को श्रीलंका ने पहले बैटिंग का न्योता दिया, तो पाकिस्तान को सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने और न्यूजीलैंड को आउट करने के लिए श्रीलंका टीम को 147 या इससे कम स्कोर पर ऑलआउट करना था. जब पहली पाली में साहिबजादा फरहान (100 रन, 60 गेंद, 9 चौके, 5 छक्के) और फखर जमां (84 रन, 42 गेंद, 9 चौके, 4 चौके) से पाकिस्तान ने ने कोटे में 212 रन बनाए, तो करोड़ों पाकिस्तानी फैंस खुशी से झूम उठे. लगा कि पाकिस्तान टीम जरूरी 65 रन के अंतर श्रीलंका को हरा देगी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे. बहरहाल, अगर पाकिस्तान नॉकआउट राउंड में नहीं पहुंच सका, तो उसका सबसे बड़ा दोष उसके खिलाड़ियों को ही लेना होगा. पाकिस्तान के वर्ल्ड कप से बाहर होने के पीछे यूं तो अनगिनत गलयितां हैं, लेकिन आप बारी-बारी से उन 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे में जान लें, जिन्होंने पाकिस्तान का शनिवार को वर्ल्ड कर से बोरिया-बिस्तर पैक कर दिया.
1. बारिश ने किया जबर्दस्त नुकसान
इसमें रत्ती भर भी दो राय नहीं कि अगर पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल का टिकट नहीं मिल सका, तो उसकी एक सबसे बड़ी वजह बारिश की मार रही. गुजरी 21 फरवरी को सुपर-8 राउंड में कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में बारिश ने उसका और न्यूजीलैंड मुकाबला बारिश ने धो दिया. एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी, तो दोनों टीमों को प्वाइंट्स बांटने को मजबूर होना पड़ा. जैसे ही यह परिणाम आया, तो तभी साफ हो गया था कि यह नुकसान पाकिस्तान का आखिर तक पीछा नहीं ही छोड़ेगा. और ठीक ऐसा ही हुआ. अगर उसका यह प्वाइंट नहीं ही बंटता, तो कौन जानता है कि वह एक बार को 2 अंक के साथ वह सेमीफाइनल में पहुंचने की स्थिति में होता.
2. बहुत ही खराब कप्तानी
अगर यह कहा जाए कि कप्तान सलमान आगा नेतृत्व और प्रदर्शन से टीम को प्रेरित करने में पूरी तरह से नाकाम रहे, तो यह गलत नहीं होगा. सलमान न ही बल्ले से कुछ खास कर सके, न ही गेंद से, तो वहीं आगा ने कप्तानी में सबसे जरूरत के समय बहुत ही भारी चूक की, जिसकी कीमत पाकिस्तान को सेमीफाइनल से बाहर होकर चुकानी पड़ी. आगा ने बैटिंग में 7 मैचों की 6 पारियं में 10 के औसत से 60 रन बनाए, तो बॉलिंग में कुल फेंके ओवर में आगा ने 9 ओवर में 4 विकेट लिए. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ कप्तानी में बड़ी चूक आगा के नेतृ्त्व की कलई खोल गई. इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान ने पावर-प्ले में उसके 3 विकेट 53 रन पर गंवा दिए थे. लेकिन इस सवाल ने उन्हें घेर लिया कि मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को पहले देरी से आठवें ओवर में लाकर फिर क्यों भुला दिया गया? उस्मान से एक ओवर कराकर फिर तीन ओवर बाद लाना एक बड़ी चूक माना गया. कुल मिलाकर सलमान आगा हर तरह से टीम पर बड़ा बोझ साबित हुए.
3. हैरी ब्रूक की काट नहीं
इसी मुकाबले में पाकिस्तान नंबर तीन पर खेलने उतरे इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक की कोई काट नहीं निकल सका. हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान पर कितना जबर्दस्त हमला बोला, यह आप समझ सकते हैं कि उन्होंने 51 गेंदों पर 10 चौकों और 6 छक्कों से 100 रन की पारी खेली. इस दौरान पाकिस्तानी सिर्फ मूकदर्शक बने रहे. और बैठे हेड कोच माइक हेनेस भी हैरी ब्रूक की कोई काट नहीं निकाल सके. यह शतक पाकिस्तान के हार होने की तीसरी सबसे बड़ी वजह बना.
4. स्पिन चौकड़ी की रणनीति टांय-टांय फिस्स
पिछले कुछ साल से मुकाबले में चार या कभी पांच स्पिनरों के साथ खेलने वाली पाकिस्तान की उपमहाद्वीप की पिचों पर चार स्पिरों के साथ खेलने की रणनीति टांय-टांय फिस्स हो गई थी. बहुत पहले ही धार खो चुके शाहीन आफरीदी की अगुवाई पहला पेस अटैक पहले ही खस्ता हाल था. यह वर्तमान में उसके देश में पेस अटैक की स्थिति भी बताता है. लेकिन कहीं ज्यादा स्पिनरों को केंद्र में रख बनाई गई रणनीति पाकिस्तान को बहुत ही ज्यादा भारी पड़ी. हालांकि, इन स्पिनरों में कुछ ऑलराउंडर भी थे, लेकिन समग्र रूप से इस रणनीति की हवा निकल गई.
5. बाबर आजम की नाकामी
पूर्व कप्तान बाबर आजम को बहुत ही ज्यादा उम्मीदों के साथ वर्ल्ड कप की टीम में रखा गया था. और बतौर सबसे सीनियर खिलाड़ी के रूप में उन्हें जिम्मेदारी भी लेनी थी. लेकिन टूर्नामेंट खत्म होते-होते और समय गुजरने के साथ मुश्किल होता फॉर्मेट यह बड़ा सवाल छोड़ गया कि क्या वर्तमान में इस फॉर्मेट का कौशल उनके पास है? वहीं, सवाल यह भी छोड़ गया कि क्या बाबर आजम ने पाकिस्तान के लिए आखिरी टी20 मैच खेल लिया है? बाबर आजम मेगा इवेंट में 6 मैचों की 4 पारियों में 22.75 के औसत से सिर्फ 91 ही रन बना सके. जब औसत ऐसा हो, तो स्ट्राइक-रेट की चर्चा करना ही बेमानी बात है. कुल मिलाकर बाबर आजम की नाकामी ने पाकिस्तान का बड़ा नुकसान किया.














