T20 WC 2026: पाकिस्तान के ड्रामे पर कपिल देव का बेबाक बयान, 'हालात अच्छे नहीं लग रहे हैं'

Kapil Dev on Pakistan Match Boycott vs India T20 WC 2026: पाकिस्तान के रुख को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी चिंता जताई है और बोर्ड से दोबारा सोचने को कहा है. वहीं, कपिल देव का मानना है कि अगर भारत-पाक मैच नहीं होता है, तो सबसे ज्यादा निराशा दर्शकों को होगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Kapil Dev on Pakistan Match Boycott vs India T20 WC 2026

Kapil Dev on Pakistan Match Boycott vs India T20 WC 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले से दूरी बनाने के पाकिस्तान के फैसले पर NDTV से बातचीत करते हुए भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव ने निराशा जताई है. उनका मानना है कि इस तरह के कदम से न सिर्फ पाकिस्तान क्रिकेट की साख पर असर पड़ेगा, बल्कि वहां के मौजूदा खिलाड़ियों का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है. कपिल देव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला खिलाड़ियों का होता, तो वे खुलकर सामने आ सकते थे. लेकिन अगर यह निर्णय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से थोपा गया है, तो इससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है.

उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को मैदान पर अपनी बात साबित करने का मौका मिलना चाहिए, न कि उन्हें राजनीतिक या प्रशासनिक फैसलों की कीमत चुकानी पड़े.

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए खतरनाक

पूर्व कप्तान ने इस फैसले को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए खतरनाक बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा दुनिया को बेहतरीन क्रिकेट टैलेंट दिया है, लेकिन अगर खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खेलने से रोका जाएगा, तो इसका सीधा नुकसान आने वाली पीढ़ियों को होगा. कपिल के शब्दों में इसे समक्षें तो उनका कहना है कि “आप अपने ही खिलाड़ियों के साथ अन्याय कर रहे हैं और खेल का नुकसान कर रहे हैं.”

सबसे ज्यादा निराशा दर्शकों को होगी

पाकिस्तान के रुख को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी चिंता जताई है और बोर्ड से दोबारा सोचने को कहा है. वहीं, कपिल देव का मानना है कि अगर भारत-पाक मैच नहीं होता है, तो सबसे ज्यादा निराशा दर्शकों को होगी. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो धीरे-धीरे वह अपने प्रशंसकों का समर्थन खो सकता है.

 “समय के साथ लोग आगे बढ़ जाएंगे”

कपिल देव ने अंत में कहा कि ऐसे फैसलों का भावनात्मक असर जरूर पड़ता है, लेकिन लंबे समय में लोग इसे भूल जाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. उनका इशारा साफ था खेल चलता रहता है, लेकिन जो टीमें मौके गंवाती हैं, उन्हें इतिहास ज्यादा देर तक याद नहीं रखता.