IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी केवल इंपैक्ट प्लेयर के रूप में क्यों खेलते है? राजस्थान कोच ने दी सफाई

Rajasthan coach on Vaibhav Sooryavanshi: राजस्थान रॉयल्स ने ज्यादातर मैचों में वैभव सूर्यवंशी को बतौर इंपैक्टर प्लेयर खिलाया, तो तमाम पंडितों ने इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए, लेकिन रजास्थान प्रबंधन का सोचना कुछ और ही है

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Rajasthan coach on Vaibhav Sooryavanshi:

Rajasthan coach on Vaibhav Sooryavanshi: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का 19वां संस्करण अगर किसी एक और सिर्फ एक खिलाड़ी के लिए याद किया जाता है, तो वह बिना किसी संदेह के 'छोटे उस्ताद' वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) हैं. वैभव ने अपने सुनामी अंदाज से क्रिकेट जगत को मंत्रमुग्ध कर दिया है, लेकिन राजस्थान के विस्फोटक ओपनर  को 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में खेलने के लिए थोड़ी जांच और आलोचना का सामना भी करना पड़ा है, जिसका मतलब है कि उन्होंने केवल बल्लेबाजी की है. 15 वर्षीय इस बल्लेबाजी सनसनी ने इस सीजन में 3 अर्धशतक और 1 शतक की से 44.53 के औसत और 236.32 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 13 मैचों में 579 रन बनाए हैं. लेकिन पूर्व बल्लेबाज मांजरेकर और मोहम्मद कैफ ने वैभव को 'इम्पैक्ट सब' के रूप में खिलाने के फैसले की आलोचना की है. जहां मांजरेकर ने कहा कि मैचों के दौरान फील्डिंग न करने से सूर्यवंशी का एक खिलाड़ी के रूप में विकास प्रभावित होगा, तो वहीं कैफ ने इशारा किया कि इस युवा खिलाड़ी ने सीज़न में एक भी कैच नहीं पकड़ा है.

'वैभव बहुत अच्छे फील्डर'

रविवार दोपहर वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपनी टीम के महत्वपूर्ण मैच से पहले जब टीम के सहायक कोच ट्रेवर पेनी से पूछा गया कि आरआर सूर्यवंशी को केवल 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में क्यों खिला रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह युवा खिलाड़ी एक बहुत अच्छा फील्डर है. पेनी ने शनिवार को मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'वह एक बहुत अच्छे फील्डर हैं. उनके हाथ बेहतरीन हैं. वह अच्छा मूव करते हैं, डाइव लगाते हैं और अनुमान लगाते हैं. उनके पास सब कुछ है. बात इतनी सी है कि हम उनसे रणनीति के तहत यह करा रहे हैं. और कभी-कभी उनके ओपनिंग करने के कारण, दूसरी पारी में फ्रेश (तरोताजा) होकर मैदान पर जाना हमारे लिए फायदेमंद रहा है.' पेनी ने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि ओह! वह खराब फील्डर हैं, हम इसलिए उन्हें नहीं खिला रहे.इसका इससे कोई लेना-देना नहीं है. यह सिर्फ परिस्थितियां हैं. और कभी-कभी मैदान पर थोड़ा बेहतर या अधिक अनुभवी फील्डर मौजूद होता था. लेकिन आम तौर पर, यह उन्हें उनकी बल्लेबाजी के लिए तरोताजा रखने के लिए किया गया है.' पेनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सूर्यवंशी की विकेटों के बीच दौड़ भी बहुत अच्छी थी.

'वैभव अपनी दुनिया में रहते हैं'

आरआर के सहायक कोच ने कहा, टलेकिन उन्हें वास्तव में विकेटों के बीच बहुत ज्यादा दौड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. यह बस एक ब्रेक के बारे में है. मुझे लगता है कि जरूरत पड़ने पर वह ऐसा कर सकते हैं. आपने पिछले मैच में देखा.  उन्होंने 11 गेंदों पर 10 रन बनाए थे और वह उस मैच को जीतने के लिए बहुत दृढ़ थे. इसीलिए वह मैदान पर जाकर सिर्फ पहली गेंद से बड़े शॉट लगाने का प्रयास नहीं कर रहे थे.' सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए पेनी ने कहा कि यह युवा खिलाड़ी अपने खुद के बबल (अपनी दुनिया) में रहता है और वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें उन्होंने क्रिकेट में अपने चार दशक लंबे करियर में नहीं देखा है.'

'मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा'

पेनी ने कहा, 'वह पहली बार वानखेड़े स्टेडियम में खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं. हमें उनसे ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं पड़ती. वह बहुत ही मिलनसार लड़के, बहुत आत्मविश्वासी हैं. वह हर दिन खेलने और अभ्यास करने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं. इसलिए सच कहूं तो, हमें उनसे बहुत ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं होती. वह अपने छोटे से बबल में रहते हैं, कड़ी मेहनत से अभ्यास करते हैं, और फिर जब वह खेलने जाते हैं, तो बस खेल का आनंद लेते हैं. ऐसा देखना काफी दुर्लभ है. मैं 40 साल से क्रिकेट में हूं और मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा. उम्मीद है कि यह लंबे समय तक जारी रहेगा, और मुझे पूरा भरोसा है कि यह कल भी काम करेगा.'

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