IND vs ZIM, T20 World cup 2026: भारत-जिम्बाब्वे के वो यादगार मैच जिसने फैन्स की धड़कनें कर दी थी तेज, इन 3 मैच विनर को आज तक नहीं भूला कोई

T20 World cup 2026, IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 फॉर्मेट में अब तक कुल 13 मैच खेले गए हैं, जिसमें टीम इंडिया ने 10 मुकाबले जीते. सिर्फ 3 ही मैच जिम्बाब्वे के पक्ष में रहे हैं.

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ind vs zim T20 World Cup 2026
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  • ज़िम्बाब्वे T20 वर्ल्ड कप सुपर 8 में भारत से चेन्नई में भिड़ेगा, यह भारत में उनका पहला व्हाइट-बॉल मुकाबला होगा
  • 2002 में गुवाहाटी में भारत ने निर्णायक वनडे मैच 101 रन से जीता था, जिसमें दिनेश मोंगिया ने शतकीय पारी खेली थी
  • 1999 वर्ल्ड कप में ज़िम्बाब्वे ने हेनरी ओलोंगा के करिश्माई ओवर के दम पर भारत को तीन रन से हराया था
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India vs Zimbabwe: टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 में पहुंचने के बाद, ज़िम्बाब्वे चेन्नई में टीम इंडिया का सामना करेगा. 24 साल में भारत में भारत के खिलाफ़ उनका पहला व्हाइट-बॉल गेम होगा. आखिरी बार जिम्बाबे की टीम भारत में साल 2002 में गुवाहाटी में वनडे मैच खेली थी. बता दें कि भले ही जिम्बाब्वे की टीम भारत से कमजोर है लेकिन इस टीम के पास जीत हासिल करने का जज्बा है. ऐसे में भारतीय टीम को सावधान रहने की दरकार है. 

2002 में क्या हुआ था, 5वां ODI – भारत के खिलाफ सीरीज का फैसला

सीरीज 2-2 से बराबर था.  सब कुछ तय करने के लिए एक आखिरी और निर्णायक मैच होना था. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. उस मैच में भारत की ओऱ से दिनेश मोंगिया  ने शतकीय पारी खेली थी और मैच विनर बनकर सामने आए थे. मोंगिया ने 147 गेंदों पर शानदार 159 रन की नाबाद पारी खेली जिसके दम पर भारत ने 333/6 का स्कोर बनाया था. 2002 के स्टैंडर्ड के हिसाब से यह एक बहुत बड़ा टोटल था. इस मैच में युवराज सिंह ने 52 गेंद पर 75 रन बनाए थे. 

जिम्बाब्वे पीछे नहीं हटा
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने हिम्मत नहीं हारी, ग्रांट फ्लावर (48) और डियोन इब्राहिम (42) ने चेज को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन प्रेशर बढ़ता रहा. हरभजन सिंह की स्पिन और जहीर खान की पेस ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया.  भारत यह मैच 101 रन से जीता और सीरीज़ 3-2 से अपने नाम करने में सफल रही. 

दिनेश मोंगिया — प्लेयर ऑफ़ द मैच और सीरीज़

बता दें कि गुवाहाटी में खेले गए उस मैच के बाद से  ज़िम्बाब्वे ने भारत  में भारत के ख़िलाफ़ कोई ODI नहीं खेला है. 

ये भी पढ़ें- IND vs ZIM, T20 World Cup 2026: सेमीफाइनल की रेस में आगे निकलने के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत को कितने बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी?

वर्ल्ड कप में जिम्बावे और भारत का वह मैच जिसे कोई भारतीय भूल नहीं पाया

इसके अलावा चलते हैं उस मैच के बारे में जो वर्ल्ड कप में खेला गया था. भारत को 1999 वर्ल्ड कप में जिम्बावे से हार का सामना करना पड़ा था. भारत को मिली इस हार ने हर किसी को निराश कर दिया था. 19 मई 1999 को  जिम्बाब्वे ने भारत को 3 रन से हराया था जो वनडे वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा उलटफेर था. 

हेनरी ओलोंगा का करिश्माई ओवर

1999 वर्ल्ड कप में भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच  ग्रेस रोड, लीसेस्टर में खेला गया. इस मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी की थी और 50 ओवर में 9 विकेट पर 252 रन बनाए थे. भारत के लिए यह लक्ष्य बड़ा नहीं था. लेकिन भारत ने लक्ष्य का पीछा करने क्रम में  नियमित अंतराल  पर अपने विकेट गंवाए. जिसके कारण आखिरी दो ओवर में भारत को जीत के लिए 9 रन की दरकार और तीन विकेट शेष थे. 

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इसके बाद जिम्बाब्वे के कप्तान कैंपबेल ने हेनरी ओलंगा गेंद थमाई, ओलोंगा ने अपने ओवर की पहली गेंद पर 2 रन दिए लेकिन अगली गेंद पर रॉबिन सिंह को आउट कर दिया. अब यहां से मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया. इसके बाद अगली दो गेंद पर भारत ने तीन रन बनाए. अब भारत को 8 गेंद पर 4 रन की जरूरत थी और दो विकेट शेष थे. 

ओवर में दो गेंद शेष थी,  ओलोंगा की अगली गेंद का सामना जवागल श्रीनाथ करने वाले थे,  ओलोंगा  ने यहां करिश्मा किया और श्रीनाथ को बोल्ड कर दिया. जिम्बाब्वे उलटफेर करने के करीब पहुंच गई. भारत पर हार का खतरा मंडराने लगा. भारतीय फैन्स के दिलों की धड़कन तेज हो गई थी. 

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अब ओलोंगा ने वेंकटेश प्रसाद को अगली गेंद पर LBW आउट कर पूरी टीम को 249 पर रोक दिया. हेनरी ओलोंगा ने अपने एक ओवर में तीन विकेट लिए और भारत के लिए हार की तस्वीर तैयार की. हेनरी ओलोंगा के इस ओवर में भारत को तगड़ा झटका दिया. इस पूरे टूर्नामेंट में इस हार ने टीम इंडिया को बहुत निराश किया. आज भी भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच होता है तो इस मैच का जिक्र होता है. 

1993 वर्ल्ड कप, भारत बनाम जिम्बाब्वे

इसके अलावा 1983 वर्ल्ड कप में भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच को भी याद किया जाता है, जब कपिल देव ने 175 रन की पारी खेलकर विश्व क्रिकेट को चौंका दिया था. 

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कपिल देव के करिय की सर्वश्रेष्ठ पारी

इंग्लैंड में 1983 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह मैच आज भी फैन्स कपिल के लिए याद करते हैं. जब भारत 78 रन पर 7 विकेट खोकर टनब्रिज वेल्स में बुरी तरह बिखर गया था,तो हार भारत के करीब थी. लेकिन कपिल देव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेली, 175 रन की नॉट आउट पारी, जो ODI क्रिकेट में उनका अकेला शतक है, और रोजर बिन्नी, मदन लाल और सैयद किरमानी के साथ मिलकर भारत को हार से बचाया. भारत ने 8 विकेट पर 266 रन बनाए और फिर ज़िम्बाब्वे को 235 रन पर आउट करके जीत हासिल की थी. 

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