हाल फिलहाल टीम इंडिया के युवा उभरते ऑलराउंडर हर्षित राणा (Harshit Rana) का फैंस सहित पूर्व क्रिकेटरों से खासी आलचोना का सामना करना पड़ा है, लेकिन अच्छी बात यह है कि उन्होंने बिना मीडिया में इस पर ज्यादा बोले अपने काम पर फोकस बनाए रखा है. इंदौर में तीसरे वनडे से पहले उठ रहे सवालों के बीच भी राणा ने नियमित अंतराल पर दो शुरुआती विकेट चटकाकर अच्छा जवाब दिया. हाल ही में, राणा ने अपने शुरुआती दिनों में दिल्ली क्रिकेट सर्किट में मिली लगातार नाकामियों और उनसे निपटने के तरीके को लेकर खुलकर बात की.
एक वेबसाइट से बातचीत में राणा न कहा, 'अब मुझे पता है कि असफलता से कैसे निपटना है. मैंने वो दस साल देखे हैं जब कुछ भी नहीं हुआ. मैं ट्रायल देने जाता था, लेकिन मेरा नाम नहीं आता था. घर आकर रोज़ अपने पिता के सामने रोता था. अब मुझे लगता है कि वो असफलता का दौर खत्म हो चुका है. अब जो भी आएगा, मैं उसे संभाल सकता हूं. मैंने लगभग हार मान ली थी, लेकिन मेरे पापा ने मुझे लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया'
पिछले साल 6 फरवरी 2025 को वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले हर्षित राणा ने इसके बाद से खुद को टीम इंडिया की नियमित एकादश में स्थापित कर लिया है. अब तक खेले गए 13 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 23 विकेट झटके हैं और खेल के हर चरण में अपनी गेंदबाज़ी से प्रभावित किया है. राणा ने यह भी बताया कि नेट्स में विराट कोहली और रोहित शर्मा को गेंदबाज़ी करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता. इससे वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाते हैं. उन्होंने कहा, 'अगर मैं उन्हें आराम से भी गेंदबाज़ी कर रहा हूँ, तो रोहित और विराट के नेट्स में आने पर फिर यह प्रतिस्पर्धा सरीखा हो जाता है. वे मुझे नए‑नए चैलेंज देते हैं और इससे मैं भी पूरे शिखर पर जाकर गेंदबाज़ी करने की कोशिश करता हूं.'
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