India vs New Zealand: मेहमान न्यूजीलैंड के खिलाफ (Ind vs Nz) राजकोट में बुधवार को दूसरे वनडे में 7 विकेट से हार पूर्व क्रिकेटरों को पच नहीं रही है. वहीं, फैंस का गुस्सा एक तरफ है. पूर्व दिग्गज हैरानी जता रहे हैं कि केएल राहुल (KL Rahul) के शानदार नाबाद शतक (112) के बावजूद टीम इंडिया यह मैच गंवा बैठी. एक वर्ग यह भी बचाव में कह रहा है कि डारेल मिशेल (नाबाद 131) की सुपर से ऊपर पारी ने न्यूजीलैंड को 15 रन पहले जीत दिला दी. और अगर ऐसा नहीं होता, तो भारत यह मुकाबला आसानी से जीत जाता. बहरहाल, इस हार ने खासकर प्रबंधन की रणनीति को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है. और सबसे ज्यादा सवाल कुछ खिलाड़ी विशेष को लेकर हैं. आप बारी-बारी से पूर्व दिग्गजों के बीच चल रही चर्चा और सवालों के बारे में जान लीजिए:-
1. अर्शदीप के साथ यह बर्ताव क्यों?
बहुत ही हैरानी की बात है कि जब टी20 टीम चुनने की बात आती है, तो सेलेक्टर सहित तमाम लोग संतुलन, विविधिता, उपयोगिता जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट आते ही यह नजरिया पटरी से उतरता दिखाई पड़ता है. पूर्व दिग्गज सवाल कर रहे हैं कि जब एक लेफ्टी पेसर पेस अटैक को विविधता प्रदान करने में सक्षम है, तो ऐसे में अर्शदीप की लगातार अनदेखी क्यों की जा रही है? दावेदार लोगों को वर्कलोड के नाम पर रेस्ट दिया जा रहा है, लेकिन कुछ खास खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए जा रहे हैं.
2. नितीश रेड्डी का कोई विकल्प नहीं?
आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी को बतौर ऑलराउंडर टैग (?) के साथ टीम में जगह दी गई, लेकिन खासकर भारतीय पिचों पर नंबर-7 पर कोई ऑलराउंडर कितना प्रभावी या उपयोगी, यह तो एक अलग विषय है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नितीश रेड्डी ऑलराउंडर हैं भी? बैटिंग में वो बहुत नीचे आते हैं, तो बॉलिंग में कप्तान उन्हें दो ही ओवर थमाता है. ऐसे में रियान पराग, हर्ष दुबे और शाहबाज अहमद क्या सोच रहे होंगे, यह सहज ही समझा जा सकता है.
3. रवींद्र जडेजा को यह क्या हुआ?
रवींद्र जडेजा की बैटिंग जिसने भी देखी, वह किसी को भी पसंद नहीं आया. न ही आम फैंस को और न ही पूर्व दिग्गजों को. जडेजा ने 27 रन के लिए 44 गेंद खेलीं और उनका स्ट्राइक रेट 61.36 का रहा. वह सिर्फ एक चौका लगा सके. सभी का एक सुर से मानना है कि अगर जडेजा अपने अनुभव के हिसाब से और तेज बल्लेबाजी करते, भारत का स्कोर 320 के आस-पास होता और होना ही चाहिए था. वहीं जडेजा बाद में आठ ओवरों में एक भी विकेट नहीं चटका सके. मैच दर मैच वनडे में उनके आकडे़ खराब हो रहे हैं. ऐसे में उंगलियां जडेजा की तरफ भी उठ रही हैं.
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