टीम इंडिया बेंगलुरु में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट में वापसी कोशिशों में जुटी हुई है. पहली पारी में सिर्फ 46 रनों पर ढेर होने के बाद तीसरे दिन की समाप्ति पर मेजबान टीम के लिए हालात और कहीं बेहतर हो सकते थे, लेकिन गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों की तरह निराश ही किया. तीसरे दिन 3 विकेट पर 180 रन से आगे खेलते हुए कीवी टीम ने चौथा विकेट जल्द ही गंवा दिया था, लेकिन भारतीय मूल के ही रवींद्र रचिन (134) और फिर पुछल्ले टिम साऊदी (65) ने अच्छे हाथ दिखाए. समय रहते ही भारतीय गेंदबाज इनके विकेट चटकाने में नाकाम रहे. नतीजा यह रहा कि मेहमान पहली पारी में 356 रन की विशाल बढ़त लेने में कामयाब रहा. भारत ने न्यूजीलैंड का पहली पारी का कर्ज काफी हद तक उतार दिया है, लेकिन अभी भी उसे 125 रन और बनाने हैं. और अगर भारत इस हालात में हैं, तो मांजरेकर के अनुसार इसके दोषी रोहित शर्मा भी हैं. संजय ने X पर रोहित को पूर्व दिग्गज एमएस धोनी से सीख लेने की सलाह दी है.
मांजरेकर ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, " नुकसान के नियंत्रण से बाहर जोने से पहले ही धोनी केे पास गेंदबाजी में बदलाव करने की शानदार योग्यता थी. रोहित को अपनी लीडरशप में इस गुण को लाने की जरुरत है"
मांजरेकर का कमेंट उस हालात के बाद सामने आया है, जब लग रहा था कि न्यूजीलैंड की पारी को भारतीय बॉलर जल्द ही समेट देंगे, तो ऐसे में एक छोर पर रवींद्र रचिन ने लंगर डाल दिया, तो फिर बाद में निचले क्रम में टिम साऊदी भी अर्द्धशतक बनाने में सफल रहे. इसी दौरान पंडितों ने यह महसूस किया कि रोहित ने गेंदबाजी में बदलाव पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और इससे कीवी टीम उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर स्कोर खड़ा करने में सफल रही. मांजरेकर के इस ट्वीट पर फैंस मैसेज भी कर रहे हैं
यह फैन तो सीधे-सीधे खंडन कर रहा है कि धोनी के भीतर यह काबिलियत नहीं थी, बल्कि इस मामले में विराट बेहतर थे. अब क्या ही कहा जाए!
रोहित की कप्तानी पर सवाल उठाने के साथ ही फैंस मुख्य गेंदबाजों पर भी सवाल उठा रहे हैं. और बात तो एकदम सही है
यह एक और आवाज है, जो कह रही है कि धोनी की शैली विदेशी धरती पर रक्षात्मक थी