रविवार को खत्म हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण में जहां वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi), साई सुदर्शन, शुभमन गिल और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे युवा और अनुभवी सितारों ने जलवा बिखेरा, तो बॉलरों और खासकर भुवनेश्वर कुमार ने युवा बॉलरों के सामने एक नया ही मानक खड़ा करते हुए बताया कि अगर हाथ में कला है, तो आप 37वें साल में भी बड़े से बड़े बल्लेबाजों को पानी पिला सकते हैं. और इस उम्र में भुवनेश्वर ने युवाओं को सामने शानदार उदाहरण पेश किया कि वह कैसे उनका मंत्र अपनाकर इस उम्र में भी बड़े बल्लेबाजों को पानी पिला सकते हैं. कुल मिलाकर आईपीएल 2026 का संस्करण भुवी के लिए उस मुकाम तक पहुंच गया, जहां से एक बार को ऐसी चर्चा तक होने लगी कि भुनेश्वर को टीम इंडिया में फिर से शामिल किया जाए. बहरहाल. मैच से पहले भुवनेश्वर ने कई पहलुओं पर डिटेल से बात की.
अपने सफल सीज़न पर भुवी ने कहा, 'देखिए मेरे लिए यह कहना बहुत आसान होगा कि मैंने कुछ अलग किया, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैंने कुछ भी अलग नहीं किया है. आम तौर पर ध्यान इसी बात पर रहता है. अगर मैं व्यक्तिगत रूप से बात करूं, कि आप अच्छा करना चाहते हैं, लेकिन मेरा ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि मुझे क्या चीजें करनी चाहिए. वो चीजें जिनमें मैं अच्छा कर सकता हूं. उनमें प्रैक्टिस और फिटनेस जैसी चीजें शामिल हैं.' उन्होंने कहा, 'और अगर हम गेंदबाजी की बात करें, तो मैंने यहां आने से पहले उस पर भी काम करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रयास केवल उन्हीं चीजों को करते रहने का था जो मैं हमेशा से करता आया हूं. मेरा सारा जोर अपनी ताकत पर ध्यान देते रहने का था. मैंने वास्तव में ऐसा कुछ नहीं किया है जिसे मैं रॉकेट साइंस कह सकूं. चीजें काफी सरल रही हैं.'
टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारी के बार में भुवनेश्वर ने कहा, 'ऑफ-सीज़न के दौरान मैं बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेलता. इसलिए कहीं न कहीं मुझे फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करने का पूरा अवसर मिला. इस प्रारूप में आम तौर पर किन चीजों की आवश्यकता होती है क्योंकि यह बहुत तेज़ प्रारूप है और फिटनेस बहुत महत्वपूर्ण है. आम तौर पर हम जिम के बारे में बात करते हैं, लेकिन रनिंग (दौड़ना) भी उतनी ही महत्वपूर्ण है क्योंकि आपको गेंदबाजी के साथ-साथ मैदान पर बहुत दौड़ना पड़ता है. ये वे चीजें थीं जिन पर मैंने ध्यान दिया. मेरे सीनियर्स ने भी अच्छी चीजों पर काफी ध्यान केंद्रित किया और मुझे लगता है कि ये वही चीजें हैं जिन्हें मैंने लागू किया है'
लगातार दूसरे फाइनल खेलने पर कुमार ने कहा,'ईमानदारी से कहूं तो इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है क्योंकि हम जानते हैं कि यह एक फाइनल है. हमने जिस तरह से खेला है हम यहां आने के हकदार थे. लेकिन हमने पूरे टूर्नामेंट में जो किया उससे कुछ भी अलग करने के बारे में बात नहीं की है क्योंकि हम जानते हैं कि यह एक फाइनल है. यह एक बड़ा मैच है. अगर हम जीतेंगे, तो हम ट्रॉफी जीतेंगे. लेकिन हम उन्हीं चीजों को करते रहना चाहते हैं जो हमने पूरे टूर्नामेंट में की हैं. ठीक बिल्कुल बुनियादी (बेसिक) चीजें.'











