- गौतम गंभीर की टी-20 में प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव की रणनीति टीम की सफलता का मुख्य कारण बनी हुई है
- भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में तीनों मैच जीतकर 3-0 से अजेय बढ़त हासिल की है
- गंभीर खिलाड़ियों को टी-20 वर्ल्ड कप से पहले अधिक मैच प्रैक्टिस देने के लिए जोखिम उठाने से बच रहे हैं
Gautam Gambhir Unconventional Tactic in T20: वनडे और टेस्ट में गौतम गंभीर की रणनीति भले ही फ्लॉप रही है लेकिन टी-20 में उनकी यह रणनीति अचूक साबित हो रही है. सोशल मीडिया और विश्व क्रिकेट भी हैरत में हैं. दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा लेकिन टी20 में भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है. टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम टी-20 में जिस अंदाज में खेल रही है उसने विश्व क्रिकेट के दूसरे टीमों में डर पहुंचा दिया है और इसका पूरा श्रेय कोच गौतम गंभीर को ही जा रहा है.
प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव की रणनीति
तीन टी-20 मैच में और तीनों की इलेवन में बदलाव, गंभीर की यह उठा-पटक वाली रणनीति काम कर रही है. हालांकि एक वर्क इस रणनीति को गलत बता रहा है लेकिन गंभीर ने प्लेइंग इलेवन में को लेकर जो भी फैसले किए हैं वह सही साबित हुए हैं. पहले टी-20 में हर्षित राणा को इलेवन में शामिल नहीं किया गया था. फिर दूसरे टी-20 में बुमराह को आराम दिया गया था, वहीं, अब तीसरे टी-20 में अर्शदीप सिंह को इलेवन से बाहर रखा गया. हर मैच में एक नई इलेवन के साथ मैदान पर उतरना गंभीर की सोच को दर्शा रहा है. गंभीर कोई रिस्क अपने खिलाड़ियों के साथ नहीं लेना चाह रहे हैं. और हर एक खिलाड़ी को टी-20 वर्ल्ड कप से पहले खूब मैच प्रैक्टिस दे रहे हैं.
- पहला T20i - बुमराह, अर्शदीप (इन) और हर्षित (आउट)
- दूसरा T20i - अर्शदीप, हर्षित (इन) और बुमराह (आउट)
- तीसरा T20i - बुमराह, हर्षित (इन) और अर्शदीप (आउट), वरुण चक्रवर्ती की जगह शामिल किए गए बिश्नोई
यह भारतीय टी20 बैटिंग टीम दूसरो टीमों के लिए एक बुरा सपना हो सकती है.
टी-20 में भारतीय बल्लेबाज खुलकर बैटिंग कर रहे हैं. दूसरे टी-20 में भारत ने 209 रन का का टारगेट 15.2 ओवर में हासिल की, फिर तीसरे टी-20 में भारत ने 60 गेंद पर 154 रन का टारेगट हासिलर कर धमाका कर दिया. वहीं, पहले टी-20 में भारत ने 20 ओवर में 238 रन बनाए थे, यानी गुरु गंभीर का सीधा फैसला है कि मैदान पर जाओ और धमाका करके आए, चाहे हम जीते या हारे, गंभीर की यह सोच टी-20 में काम कर रही हा और भारत इस समय दुनिया की सबसे खतरनाक टी-20 टीम बन गई है.
गेंदबाजों का सही इस्तेमाल
तीसरे टी-20 में कलाई के स्पिनर रवि बिश्नोई ने अनुभवी जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या के साथ मिलकर शानदार गेंदबाजी करते हुए वापसी की जिससे भारत ने न्यूजीलैंड को 20 ओवर में 9 विकेट पर 153 रन पर रोक दिया. बता दें कि तीसरे टी-20 में वरुण चक्रवर्ती की जगह इलेवन में रवि बिश्नोई को शामिल किया गया था. बिश्नोई ने 4 ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए.
तीसरे टी-20 में भारत की जीत
भारत ने 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पावर-हिटिंग से इस मुकाबले को एकतरफा बना दिया जिसमें अभिषेक ने 20 गेंद में सात चौके और पांच छक्के से नाबाद 68 रन जबकि सूर्यकुमार ने 26 गेंद में छह चौके और तीन छक्के से नाबाद 57 रन बनाए. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए महज 40 गेंद में 102 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने 10 ओवर में दो विकेट पर 155 रन बनाकर श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली.














