Gautam Gambhir, Suryakumar Yadav: कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर प्लेइंग XI के चयन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 के मैच में दक्षिण अफ़्रीका के हाथों हार के बाद उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर बिठाये जाने के बाद एक बार फिर से से ये सवाल बड़े और तीखे होने लगे हैं. अक्षर पटेल को पिछले मैच में भी नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ प्लेइंग XI में शामिल नहीं किया गया था. अहमदाबाद में मैच से पहले द. अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सुपर-8 में एक बार फिर उपकप्तान का नाम प्लेइंग XI में नहीं दिखा तो क्रिकेट एक्सपर्ट्स, फ़ैन्स और पत्रकार हैरान दिखे और उन्होंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए.
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अक्षर ने मैच से पहले नेट्स पर देर तक की बैटिंग
दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ सुपर 8 मैच में उप-कप्तान अक्षर पटेल को फिर से बाहर रखा गया, जबकि उन्होंने मैच से पहले नेट्स में लंबे समय तक बल्लेबाजी की थी. वहीं वाशिंगटन सुंदर ने अपनी जगह बरकरार रखी और बताया गया कि ये फ़ैसला मैच के हालात को देखते हुए लिया गया था.
अक्षर पटेल को बाहर बिठाये जाने के फैसले ने टीम के बैलेंस, लीडरशिप और फ़ैसले की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. कई जानकार मानते हैं कि सुपर-8 के दौरान प्लेइंग XI में उठापटक करना अक्सर ग़लत साबित हो सकता है. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कई एक्सपर्ट्स कह रहे थे कि टीम इंडिया में डेप्थ होने के बावजूद ये पूरी तरह से सेटल नहीं हो पाई है या अपने आप को कस नहीं पाई है.
टीम इंडिया के सहायक कोच राएन टेन डोश्काटे ने भी ये माना कि मैच से पहले देर रात तक टीम मीटिंग चली और आखिर में जो फ़ैसला लिया गया वो विवादों भरा साबित हुआ. उपकप्तान अक्षर पटेल प्लेइंग XI से बाहर हो गए जबकि वाशिंगटन सुंदर ने अपनी जगह बरकरार रखी. भारत 76 रन से मैच हार गया.
पावर प्ले में गेंदबाज़ी: अक्षर पटेल बनाम वाशिंगटन सुंदर
अक्षर एक फ्रीज या बंधे हुए खिलाड़ी नहीं हैं. वे उप-कप्तान हैं और एक अनुभवी ऑलराउंडर हैं जिन्होंने दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ पहले भी अच्छा प्रदर्शन किया है. 2024 के वर्ल्ड कप के फाइनल में, ब्रिज़टाउन में, अक्षर ने 5 नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए 31 गेंदों पर 47 रन बनाये थे, 1 चौका और 4 छक्के के साथ. फाइनल में अक्षर से ज़्यादा रन सिर्फ़ विराट कोहली के नाम रहे थे जिन्होंने 76 (59) रन बनाये थे.
कहा जा रहा है कि अक्षर को एक बार प्लेइंग XI से बाहर करना रणनीतिक फ़ैसला हो सकता है, लेकिन लगातार दो बार और वो भी सुपर-8 के अहम मैच में अक्षर बाहर रहे जिसने जानकारों को हैरान कर दिया है. टीम के सहायक कोच रयान टेन डोश्काटे ने कहा, "हमने प्लेइंग XI के बारे में बहुत देर तक विचार किया।" उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने मैच की ज़रूरत के मुताबिक और खासकर दक्षिण अफ़्रीका के टॉप ऑर्डर के खतरे को देखते हुए ये फ़ैसला लिया. उन्होंने बताया कि टीम को पॉवरप्ले में गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज की जरूरत थी जिस रोल में सुंदर ज़्यादा फिट बैठते हैं.
फ़िनिशर: अक्षर पटेल बनाम रिंकू सिंह
अक्षर की जगह रिंकू सिंह को तवज्जो देने को लेकर टेन डोश्काटे ने कहा, "हमने रिंकू को आठवें बल्लेबाज के रूप में रखना चाहा. किसी को जगह देनी थी. यह अक्षर और उनकी नेतृत्व क्षमता को कम करने के लिए नहीं है, लेकिन हम 15 में से 11 को फिट करने की कोशिश कर रहे हैं."
अक्षर का अनुभव हुआ नज़रअंदाज़
वाशिंगटन सुंदर के चयन पर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि उन्होंने इस सीज़न गुजरात टाइटन्स के लिए केवल एक तिहाई आईपीएल मैच खेले थे. क्या वाशि के फॉर्म को अक्षर के अनुभव के खिलाफ ज़्यादा तवज्जो दी गई. टेन डोश्काटे ने ज़ोर देकर कहा कि टीम चयन में आईपीएल के आंकड़े एकमात्र पैमाना नहीं थे. उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि वाशिंगटन ने भारतीय टीम के लिए क्या किया हैं. रणनीति का एक बड़ा हिस्सा यह था कि उन्होंने टी20 में पॉवरप्ले में कितनी अच्छी गेंदबाजी की है."
दिलचस्प ये भी है कि सुंदर ने दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ मैच में पॉवरप्ले में गेंदबाजी नहीं की. टेन डोश्काटे ने स्वीकार किया, "यदि वह मध्य ओवर में गेंदबाजी कर रहे हैं, तो आप अक्षर को चुनेंगे." मैच में सुंदर को 7वें और 14वें ओवर में गेंद डालने का मौक़ा मिला जिसमें उन्होंने 17 रन (11 और 6 रन) खर्चे,
यानी टीम चयन और प्लान में तालमेल की कमी दिखी. भारत की योजना काम नहीं आई, मध्य ओवर में वे पिछड़ गए और मैच का बैलेंस बिगड़ गया. पावर प्ले के पहले 4 ओवर में प्रोटियाज़ के 20 के स्कोर पर तीन विकेट ( क्विंटन डिकॉक, एडन मार्करम और राएन रिकलटन जैसे तीनों फ़ॉर्म में खेल रहे बल्लेबाज़ों के) के बाद भी भारतीय गेंदबाज़ मिडिल और डेथ वर में गेम पर कंट्रोल नहीं रख सके.
बाक़ी के सुपर-8 में मिलेगी अक्षर को जगह?
टीम इंडिया के अब सुपर-8 के दो मैच होने बाक़ी हैं. भारत को 26 फरवरी को ज़िंबाब्वे से चेन्नई में और 1 मार्च को वेस्ट इंडीज़ से ईडन गार्डन्स पर कोलकाता से मैच खेलने हैं. सुनील गावस्कर ने मैच के बाद STAR SPORTS से बात करते हुए साफ़ तौर पर कहा, “ज़िंबाब्वे को हल्की टीम नहीं मान सकते.” टीम मैनेजमेंट का कहना है कि हर फैसला जीत को ध्यान में रखकर किया जाता है. ऐसे में अगले मैचों में प्लेइंग XI का चयन, डेप्थ या विकल्पों के बावजूद, टीम इंडिया के लिए सिरदर्द का विषय बन गया है.














