Gautam Gambhir: गौतम गंभीर का मास्टर प्लान और भारत बना विश्व चैंपियन, डगआउट में बैठकर ऐसे पलटी पूरी बाजी

T20 World cup Final 2026: फाइनल में जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजे गए. बता दें कि भारत की जीत में जहां सभी खिलाड़ियों का योगदान अहम रहा लेकिन खिलाड़ियों के पीछे कोच गौतम गंभीर की रणनीति ने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

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GauTam Gambhir, IND vs NZ, T20 World cup 2026, गंभीर का मास्टर स्ट्रोक
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  • भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार खिताब जीता
  • कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा को लगातार समर्थन और रणनीति प्रदान की
  • गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव को खराब फॉर्म में भी पूरी तरह समर्थन दिया और उनका नेतृत्व मजबूत किया
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Gautam gambhir master plan to win T20 World cup 2026: टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरा बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम करने में सफलता पाई, फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में 255 रन बनाए जिसके बाद न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर आउट हो गई. फाइनल में जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजे गए. बता दें कि भारत की जीत में जहां सभी खिलाड़ियों का योगदान अहम रहा लेकिन खिलाड़ियों के पीछे कोच गौतम गंभीर की रणनीति ने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. टीम मीटिंग हो या फिर लाइव मैच के दौरान, कोच गंभीर खिलाड़ियों की तरह की एक्टिव रहे, जब भी कोई विषम परिस्थिति रही, गंभीर ने सूर्या को हिम्म्त दिया और अहम  मैच में अहम फैसला करके मैच को बदलने का काम किया. ऐसे में जानते हैं ऐसे कौन-कौन सी रणनीति जिसके दम पर भारत आज टी-20 क्रिकेट का विश्व विजेता बन गया. 

संजू सैमसम पर लगातार विश्वास

यह आज की बात नहीं है, गंभीर हमेशा से संजू सैमसन के सपोर्ट में रहे हैं. कोच बनने से पहले से ही गंभीर संजू को लेकर लगातार पोस्ट रिएक्ट करते रह े हैं, ऐसे में जब गंभीर कोच बने तो संजू को पहले उन्होंने टीम में शामिल किया और आखिर में उन्हें मौका दिया, अपनी पारी इंतजार कर रहे संजू ने गंभीर को लगातार सपोर्ट का फल उन्हें दिया. संजू ने वर्ल्ड कप के अहम मैचों में लगातार तीन अर्धशततक जमाकर भारत के लिए सबसे बड़े मैच विनर बनकर सामने आए. संजू को उनके परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से नवाजा गया.

अभिषेक शर्मा को लगातार टीम में बनाए रखा

कोच गंभीर को अभिषेक शर्मा की काबिलियत पता थी. यही कारण था कि लगातार फ्लॉप होने के बाद भी गंभीर का भरोसा तनिक भी अभिषेक से कम नहीं हुआ, आखिर में वह पल आया जब अभिषेक ने फाइनल में 21 गेंद पर 52 रन की ऐसी पारी खेली जिसने मैच को सेट कर दिया. अभिषेक भारत की ओर से टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज अर्धशतक जमाने वाले दूसरे भारतीय बने, अभिषेक ने अपनी पारी में 6 चौके और तीन छक्के लगाए, जब अभिषेक ने अपना अर्धशतक पूरा किया तो गंभीर का रिएक्शन यह बताने के लिए काफी था. गंभीर के रिएक्शन ने उन सभी आलचकों को करारा जबाव दिया जो गंभीर की रणनीति पर सवाल खड़े कर रहे थे. 

तिलक वर्मा को बनाया फिनिशर

टूर्नामेंट के मध्य में तिलक वर्मा आउट ऑफ फॉर्म में नजर आए, ऐसे में गंभीर ने तिलक को इलेवन  से बाहर करने के बजाय उनके लिए फिनिशर की भूमिका तय की. इसके बाद फिर क्या था, कोच और कप्तान का साथ पाकर तिलक भारत के नए फिनिशर बनकर उभरे और अहम  मैचों में तूफनी अंदाज में बल्लेबाजी कर मैच को बदलने का काम किया था. 

Photo Credit: @CricketCentrl/x

कप्तान सूर्या को लगातार सपोर्ट

डगआउट हो या फिर टीम मीटिंग, गंभीर, कप्तान सूर्या को लगातार सपोर्ट करते नजर आए. टी-20 वर्ल्ड कप से पहले सूर्या खराब फॉर्म में थे .सूर्या की टीम में जगह को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे लेकिन कोच गंभीर ने कभी भी सूर्या को लेकर कुछ नहीं कहा, सूर्या को गंभीर अपना ट्रंप कार्ड मानते रहे. गंभीर ने सूर्या की कप्तानी को लेकर कहा था कि सूर्या के रहने से उनका काम आसान हो गया था. गंभीर और सूर्या के तालमेल ने भारत को विश्व विजेता बना दिया. यही कारण है कि जब भारत को जीत मिली तो गंभीर और सूर्या ने एक दूसरे को काफी देर तक गले से लगाए रखा था. 

ईशान किशन का मास्टर स्ट्रोक

आज कसे 6 महीने पहले ईशान किशन अपनी जगह टीम में बनाए रखने को लेकर संघर्ष कर रहे थे. सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में ईशान ने झारखंड को चैंपियन बनाया, इसके बाद गंभीर का ध्यान किशन पर गया. गंभीर ने ईशान को टी-20 वर्ल्ड कप की टीम में शामिल किया औऱ हर मैच में लगभग मौके दिए, गंंभीर ने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया और देखिए ईशान ने क्या किया, ईशान ने फाइनल में 25 गेंद पर 54 रन की पारी खेलकर टीम के लिए जीत की नींव रखी. 

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डगआउट में बैठकर बदल देते थे बाजी

डगआउट में बैठकर गंभीर कैसे बाजी पलटते थे, इसका उदाहरण सेमीफाइनल मैच में देखने को मिला था, जब मैच के आखिरी समय में गंभीर ने डगआउट में बैठकर कप्तान सूर्या को 19वां ओवर करने के लिए हार्दिक पंड्या को बुलाया. हार्दिक ने कोच और कप्तान का विश्वास जीता और उस ओवर में केवल 9 रन दिए और भारत के लिए जीत निश्चित कर दी. 

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