England vs Pakistan: मेजबान इंग्लैंड ने पाकिस्तान को लगभग ढाई दिन में पारी और 103 रन से धोया, तो इसने एक नहीं बल्कि कई पहलुओं से पाकिस्तान की टेस्ट क्रिकेट में पोल खोल दी कि यह कहां खड़ा है. पहली पारी में 171 रन बनाने वाली मेहमान टीम इंग्लैंड की रॉबिंसन एंड कंपनी के सामने दूसरी पारी में भी 135 रनों पर ढेर हो गई. और जितने पोलें खुली, उसमें एक ऐसी भयावह तस्वीर सामने आई, जो बताने के लिए काफी है कि पड़ोसी देश की टेस्ट क्रिकेट कहां पहुंच गई है. और यह ही उसके ओपनरों की तस्वीर. ओपनरों को किसी भी टीम की नींव कहा जाता है, लेकिन ओपनर का बुरा हाल हुआ, तो ऐसे आंकड़े सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया.
ओपनरों का खस्ता हाल
पाकिस्तान के लिए हेडिग्ले टेस्ट में आजम अवैस और इमाम-उल-हक ने पारी की शुरुआत की. अवैस खाता भी नहीं खोल सके, तो इमाम ने 42 रन बनाए. वहीं, दूसरी पारी में किसी तरह अवैस ने 9 रन बनाए, तो इस बार इमाम का खाता नहीं खुला. और इसने पाकिस्तान के ओपनरों पर पिछले करीब डेढ़ दशक से पहली 'अनचाही कैप' का रंग और गाढ़ा होता जा रहा है.
ओपनरों का इंग्लैंड में निकला दम
अवैस और इमाम की नाकामी ने पाकिस्तानी ओपनरों के उस संघर्ष को और बड़ा कर दिया है, जो इंग्लिश धरती पर पिछले 16 साल से जारी है. जी हां, इंग्लैंड में एक मजबूत सलामी साझेदारी बनाने के लिए पाकिस्तान का संघर्ष अब 16 साल से जारी है. इंग्लैंड में अपनी पिछली 27 टेस्ट पारियों में उनकी सलामी जोड़ी ने 50 या उससे अधिक रन की एक भी साझेदारी नहीं की है. उनकी आखिरी 50 या उससे अधिक रन की सलामी साझेदारी 2010 में आई थी.
10 ओपनर, कोई कप्तान, बड़े नाम, सब नाकाम
साल 2010 से लेकर अभी तक करीब 16 साल में इंग्लिश धरती पर पाकिस्तान के एक से बड़े एक नाम वाले ओपनरों ने पारी का आगाज किया है. इसमें सलमान बट, इमरान फरहत, यासिर हमी, पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज, शमीम असलम, अजहर अली, शान मसूद इमाम-उल-हक, आबितद अली और अजान अवैस. पिछले 16 साल में तकरीबन 10 पाकिस्तानी ओपनरों को इंग्लैंड में खेलने का मौका मिला. इमाम-उल-हक का तो यह तीसरा दौरा है. वह 2018, 2020 के अब एक और दौरा कर रहे हैं. लेकिन वह भी साथी ओपनर के साथ मिलकर पाकिस्तान के माथे पर पिछले 16 साल से लगे कलंक को नहीं मिटा सके. मतलब साथी के साथ 50 रन की साझेदारी नहीं कर सके. अब देखते हैं कि बाकी बचे दो मैचों में इस कलंक को पाकिस्तानी ओपनर मिटा पाते हैं या नहीं?