- दिल्ली बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के असम चुनाव प्रचार के विवादित बयान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
- बीजेपी का आरोप है कि खरगे ने बीजेपी और आरएसएस की तुलना कुरान में वर्णित जहरीले सांप से कर नफरत भड़काई है
- शिकायत में कहा गया कि खरगे का बयान धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला और हिंसा को प्रोत्साहित करने वाला है
असम में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए एक विवादित बयान को लेकर दिल्ली बीजेपी भी हमलावर है. इस बीच दिल्ली बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा से मिला और खरगे के खिलाफ शिकायत पत्र सौंपा. बीजेपी का आरोप है कि यह बयान नफरत और हिंसा भड़काने वाला है और चुनाव प्रचार के नियमों का उल्लंघन करता है. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, अधिवक्ता संकेत गुप्ता और पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर शामिल थे.
बीजेपी ने अपनी शिकायत में क्या कहा
शिकायत पत्र में बीजेपी नेताओं ने कहा कि असम की एक चुनावी सभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी और आरएसएस की तुलना जहरीले सांप से की. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे ने मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला बयान दिया. खरगे के हवाले से कहा गया कि उन्होंने कहा था, “कुरान में लिखा है कि नमाज पढ़ते समय अगर सामने सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर उसे मार दो. बीजेपी और आरएसएस भी उसी जहरीले सांप की तरह हैं, इन्हें मारना होगा.” बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह बयान सीधे तौर पर हिंसा के लिए उकसाने वाला है.
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कांग्रेस अब पूरी तरह दिवालिया
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और जीत के लिए कुछ भी करने को तैयार है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है. मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस देश में दंगे भड़काने और लोगों की जान लेने जैसे बयान देने से भी नहीं हिचकिचा रही है, और यही काम कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में किया है. दिल्ली बीजेपी ने पुलिस आयुक्त से मांग की कि खरगे का यह बयान बीजेपी के खिलाफ नफरत और हिंसा भड़काने का प्रयास है और यह आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन करता है.
बीजेपी ने क्या कुछ कहा
कांग्रेस का मुख्यालय दिल्ली में है, इसलिए बीजेपी ने मांग की कि दिल्ली पुलिस इस मामले में संज्ञान ले और एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करे. दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बीजेपी प्रतिनिधिमंडल को मामले की जांच शुरू करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह पूरा मामला असम विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है. बीजेपी इसे सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश बता रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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