- उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर अनुपमा सरोज का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव मंजूर
- अनुपमा सरोज ने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया है
- वे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में सिधौली सीट से संभावित उम्मीदवार हो सकती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर (GST) के पद पर तैनात रहीं पीसीएस अफसर अनुपमा सरोज उर्फ अनुपमा राग की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है. सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद चर्चा शुरू हो गई कि वे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में किस्मत आजमा सकती हैं. अनुपमा सरोज ने अपने फैसले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर की है. उन्होंने एक वीडियो और संदेश जारी कर कहा कि वह उत्तर प्रशासनिक सेवा से आगे बढ़ते हुए सार्वजनिक जीवन में समाज के लिए काम करने की नई यात्रा शुरू कर रही हैं. उन्होंने लिखा कि बदलाव केवल विचारों से नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी और सार्थक प्रयासों से आता है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने नए सफर का संकेत दिया.
हालांकि अनुपमा सरोज ने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं. सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा सीट से मैदान में उतर सकती हैं. राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि उन्हें समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के रूप में उतारा जा सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
एक नई शुरुआत… एक नए संकल्प के साथ! 🌿 प्रशासनिक सेवा से सार्वजनिक जीवन की ओर मेरा यह कदम केवल एक नई भूमिका नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को एक नए रूप में निभाने का संकल्प है। मेरा विश्वास है कि बदलाव केवल विचारों से नहीं, बल्कि भागीदारी और सार्थक प्रयासों से आता है। आप सभी के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के साथ आज इस नई यात्रा की शुरुआत कर रही हूँ। आपकी अपनी, अनुपमा सरोज सिंह
— Anupama Raag (@anupamaraag1) November 4, 2026
राजनीति से पुराना पारिवारिक जुड़ाव
अनुपमा सरोज का परिवार लंबे समय से राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है. उनकी मां सुशीला सरोज वर्ष 2004 में मोहनलालगंज लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं और केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. वहीं उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और लखनऊ पूर्व विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं. अनुपमा के पिता राम प्रकाश (आरपी) सरोज 1964 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं.

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प्रशासनिक सेवा के साथ संगीत की दुनिया में भी पहचान
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा अनुपमा सरोज की पहचान एक पार्श्व गायिका के रूप में भी रही है. वह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं. हाल के दिनों में सिधौली क्षेत्र में दीपावली की शुभकामनाओं वाले उनके होर्डिंग भी चर्चा में रहे, जिनमें उन्होंने स्वयं को राज्य कर विभाग की पूर्व डिप्टी कमिश्नर और सामाजिक कार्यकर्ता बताया था.
दिव्या मित्तल के बाद दूसरा बड़ा नाम
गौरतलब है कि कुछ समय पहले यूपी कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने भी सेवा से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक पारी की घोषणा की थी. बाद में उन्होंने ‘जननीति भारत पार्टी' का गठन कर 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया. ऐसे में अनुपमा सरोज का प्रशासनिक सेवा छोड़ना भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल अनुपमा सरोज ने अपने अगले राजनीतिक कदमों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन वीआरएस मंजूर होने और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेतों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है.
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