खास बातें
- वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह ने केयर्न-वेदांता सौदे को सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह ने केयर्न-वेदांता सौदे को सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की है। मंत्रिसमूह ने कहा है कि दोनों कंपनियों को राजस्थान तेल ब्लॉक में कच्चे तेल पर दी जाने वाली रॉयल्टी को लागत में शामिल करने पर सहमत होना होगा। मंत्रिसमूह की बैठक की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि मंत्रिसमूह सौदे को मंजूरी दिए जाने पर पूर्वशर्त रखने पर सहमत हुआ है। केयर्न अथवा इसके नए मालिक को राजस्थान ब्लॉक के सभी क्षेत्रों पर सेस के भुगतान करने तथा कच्चे तेल पर 18,000 करोड़ रुपये की रॉयल्टी को लागत में शामिल करने पर सहमत होना होगा। रॉयल्टी का भुगतान अब तक अकेले ओएनजीसी करती रही है। केयर्न को पंचनिर्णय में दिए गए विवादों को भी वापस लेना होगा। केयर्न ने राजस्थान ब्लॉक में अपनी 70 प्रतिशत भागीदारी पर 2,500 रुपये प्रति टन के हिसाब से सेस भुगतान को लेकर पंचाट में मामला दायर किया है। मंत्रिसमूह की करीब सवा घंटे चली बैठक के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की सिफारिशों को दो सप्ताह के समय में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) के पास भेज दिया जाएगा।