अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्दे ने कहा है कि महिलाओं की भागीदारी से भारत की आय बढ़ सकती है.
खास बातें
- कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के स्तर के बराबर हो
- आर्थिक अवसर और समान मेहनताने से बेहतर आर्थिक वृद्धि
- महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी देश के लिए आर्थिक बदलाव वाला
वाशिंगटन: भारत की राष्ट्रीय आय में 27 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है यदि यहां के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के स्तर के बराबर हो जाए. यह बात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्दे ने कही है.
लॉस एंजिलिस में कल ‘वीमेंस एंपावरमेंट : एन इकोनॉमिक गेम चेंजर’ में अपने वक्तव्य में क्रिस्टीन ने कहा कि महिलाओं के लिए बेहतर आर्थिक अवसर और समान मेहनताने से बेहतर आर्थिक वृद्धि होगी.
क्रिस्टीन ने कहा, ‘‘महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी देश के लिए आर्थिक तौर पर स्थितियां बदलने वाला हो सकता है. उदाहरण के तौर पर यदि महिलाएं भी पुरुष के बराबर कार्यबल में हिस्सेदारी करेंगी तो अमेरिका की राष्ट्रीय आय में पांच प्रतिशत, जापान में नौ प्रतिशत और भारत में 27 प्रतिशत वृद्धि होगी.’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए बेहतर अवसरों से विविधता को बढ़ावा मिलेगा और विश्वभर में आर्थिक असमानता में भी कमी आएगी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)