खास बातें
- नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर ने अपने भारतीय भागीदार को एक तरह से अंगूठा दिखाते हुए अपने भारतीय परिचालन के लिए नई कंपनी के गठन की घोषणा की है।
नई दिल्ली: नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर ने अपने भारतीय भागीदार को एक तरह से अंगूठा दिखाते हुए अपने भारतीय परिचालन के लिए नई कंपनी के गठन की घोषणा की है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
यही नहीं, टेलीनॉर ने यूनिटेक से हर्जाना भी मांगा है। उसका आरोप है कि यूनिटेक ने उसके साथ संयुक्त उद्यम बनाते समय धोखाधड़ी की और सही तथ्यों की जानकारी नहीं दी। टेलीनॉर ने कहा है कि उसने भारतीय संयुक्त उद्यम में 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
टेलीनॉर समूह के निदेशक (संचार-एशिया) ग्लेन मैंडेलिड ने एक बयान में कहा, ‘टेलीनॉर समूह ने धोखाधड़ी और तथ्यों की सही जानकारी न देने के लिए यूनिटेक के साथ मौजूदा शेयरधारक करार को समाप्त करने के लिए नोटिस दिया है।’ नॉर्वे की कंपनी चाहती है कि यूनिनॉर ब्रांड के तहत कारोबार को नई कंपनी को स्थानांतरित किया जाए। इसमें उसकी 74 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। इसके साथ ही वह इस उद्यम में किसी नए भारतीय भागीदार को जोड़ेगी, जिसकी अल्पांश हिस्सेदारी होगी।
टेलीनॉर की घोषणा पर हैरानी जताते हुए यूनिटेक ने एक बयान में कहा, ‘लाइसेंस रद्द होने के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही किसी भी पक्ष द्वारा एकतरफा तरीके से शेयरधारक करार को खत्म नहीं किया जा सकता।’
टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’