नई दिल्ली: कालाधन पर कानून के तहत अघोषित संपत्ति का खुलासा करने के लिए 10 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में सरकार ने कहा कि 30 सितंबर तक विदेश में जमा संपत्ति का खुलासा करने वाले लोगों के साथ उत्पीड़न का कोई बर्ताव नहीं किया जाएगा।
हालांकि, वित्त मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा करने में विफल रहने वाले लोगों को 'गंभीर परिणाम भुगताने' होंगे जिसमें तगड़ा जुर्माना, मुकदमे की कार्रवाई और मनी लॉन्डरिंग रोधी कानून के तहत संपत्तियों को जब्त करना भी शामिल है।
मंत्रालय ने कहा, 'कुछ तबकों में विदेश में जमा संपत्ति की घोषणा करने पर उत्पीड़न का शिकार होने का डर है, जोकि पूरी तरह से निराधार है।' इसलिए लोग 30 सितंबर तक बेहिसाब विदेशी संपत्तियों का बेझिझक खुलासा करें।
गौरतलब है कि विदेशों में जमा कालेधन की समस्या से निपटने के लिए अघोषित विदेशी आय और आस्ति (कर अधिरोपण) कानून, 2015 को लागू किया गया है। इस कानून में ऐसी अघोषित संपत्ति रखने वालों को उसकी घोषणा का एकबारगी मौका दिया गया है, ताकि वे टैक्स और फाइन जमा करके अपनी संपत्ति को कानून सम्मत बना सकें। इसके लिए समय सीमा 30 सितंबर, 2015 को समाप्त हो रही है।
मंत्रालय ने कहा कि घोषणा पत्र में दी गई सूचना गोपनीय रखी जाएगी, क्योंकि आयकर कानून की धारा 138 इन घोषणा पत्रों पर लागू है। 'घोषणा पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आसान है और इसे ऑनलाइन भी दाखिल किया जा सकता है।'