खास बातें
- सीबीआई ने कहा कि स्वान तथा यूनिटेक को सरकार की 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति के बारे में कार्यान्वयन से तीन माह पहले ही जानकारी थी।
नई दिल्ली: सीबीआई का कहना है कि स्वान टेलीकॉम तथा यूनिटेक वायरलैस को सरकार की 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति के बारे में कार्यान्वयन से तीन माह पहले ही जानकारी थी। इसी कारण उन्होंने इस उद्देश्य के लिए डिमांड ड्राफ्ट पहले ही बनवाकर रख लिए थे। तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति अपनाई थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने 10 जनवरी 2008 को आशय पत्र (एलओआई) जारी होने की सूचना इन दो कंपनियों को लीक की। इसलिए ये अन्य कंपनियों से पहले ही धन के साथ तैयार रही और जमा करवा पाई। सीबीआई ने विशेष अदालत में यह आरोप पत्र शनिवार को दाखिल किया। इसमें कहा गया है कि स्वान टेलीकॉम तथा यूनिटेक वायरलैस (तमिलनाडु) ने अक्टूबर-नवंबर 2007 में ही डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर रख लिया। स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अनुसार यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, तत्कालीन दूरसंचार मंत्री राजा को उस समय से ही जानता था जब राजा वन मंत्री थे। आरोपपत्र में कहा गया है कि दूरसंचार विभाग ने 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति का कार्यान्वयन इस ढंग से किया कि कुछ कंपनियों को इसका गलत लाभ मिला।