यह ख़बर 16 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

कानून बनने तक नए लाइसेंस जारी नहीं हो सकेंगे : सुब्बाराव

खास बातें

  • वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा नए बैंकों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तेज करने के आह्वान के एक दिन बाद रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने शुक्रवार को कहा कि इसके लिए आवश्यक शर्तें पूरी किए बिना ऐसा संभव नहीं है।
पुणे:

वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा नए बैंकों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तेज करने के आह्वान के एक दिन बाद रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने शुक्रवार को कहा कि इसके लिए आवश्यक शर्तें पूरी किए बिना ऐसा संभव नहीं है।

रिजर्व बैंक के एक सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद गवर्नर ने कहा ‘‘हम इस प्रक्रिया (नए बैंक लाइसेंस जारी करने की) को शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन इस काम को शुरू करने के लिए सभी जमीनी तैयारियां और आवश्यक शर्तें पूरी होनी चाहिए।’’

कल चिदंबरम ने कहा था कि उन्होंने आरबीआई से नए बैंक लाइसेंस के सम्बंध में दिशानिर्देश जारी करने और बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक पारित होने से पहले ही आवेदन स्वीकार करना शुरू करने की सलाह दी है।

वित्तमंत्री ने कहा था ‘‘हमने आरबीआई को हाल ही में पत्र लिखा है जिसमें बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक पारित हो जाने की उम्मीद के मद्देनजर नए बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्राप्त करने और इस सम्बंध में दिशानिर्देश को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हमें उम्मीद है कि आरबीआई इस दिशा में जल्द काम शुरू करेगा और दिशानिर्देश को अंतिम स्वरूप देगा व आवेदन स्वीकार करेगा।’’

वित्तमंत्री ने कहा था कि रिजर्व बैंक को ‘‘जो शक्तियां अथवा अधिकार चाहिए वह कानून के दूसरे प्रावधानों और केन्द्रीय बैंक के नए बैंकिंग लाइसेंस के अपने नियमनों और दिशानिर्देशों में पहले से मौजूदा हैं।

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रिजर्व बैंक ने इससे पहले वर्ष 2002 में नए निजी बैंक के लाइसेंस जारी किए थे। इससे पहले उसने 90 के दशक के मध्य में नए बैंकों को लाइसेंस दिए थे।