खास बातें
- रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने महंगाई के रुख को समझाने के लिए अपने कम होते बाल और हजाम की बढ़ती फीस की तुलना की।
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने महंगाई के रुख को समझाने के लिए अपने कम होते बाल और हजाम की बढ़ती फीस की तुलना की।
उन्होंने कहा कि वह बीस साल पहले बाल कटवाने के लिए 25 रुपये भुगतान किया करते थे जो अब बढ़कर 50 रुपये हो गया भले ही उनके बाल काफी कम हो गए हैं। हालांकि, बीते कुछ समय में बाल बढ़ने की रफ्तार लगभग रुक सी गई है, वह बाल कटवाने के लिए नाई को 150 रुपये दे रहे हैं।
सुब्बाराव ने कहा, ‘‘अब जब मेरे सिर पर कुछ ही बाल बचे हैं, मैं बाल कटवाने के लिए 150 रुपये देता हूं।’’ गवर्नर ने कहा, ‘‘मैं यह तय करने की जद्दोजहद करता हूं कि इसमें मुद्रास्फीति कितनी है और कितना नाई के लिए प्रीमियम कितना है जो गवर्नर के सर के नदारद हो चुके बाल काटने के विशेषाधिकार के लिए देना पड़ता है।’’