Stock Market Updates: वैश्विक बाजारों में निवेशक कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price), डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (US Bond Yield) पर बारीकी से नजर रखेंगे.
नई दिल्ली: इस सप्ताह में शेयर बाजारों (Stock Market) की दिशा काफी हद तक मंथली डेरिवेटिव कांट्रैक्ट के सेटलमेंट (Monthly Derivative Contracts Settlement) के बीच वैश्विक शेयर बाजारों (Global Market) के रुख, विदेशी फंड (Foreign Investment ) की कारोबारी गतिविधियों और मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगी. आपको बता दें कि अगले हफ्ते बुधवार यानी 28 जून को बकरीद के अवसर पर शेयर बाजार की छुट्टी (Share Market Holiday) रहेगी. पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 405.21 अंक या 0.63 फीसदी गिर गया था.
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा, ''बाजार में स्पष्ट संकेतों की कमी रहने की उम्मीद है, लेकिन जून के मंथली डेरिवेटिव कांट्रैक्ट के सेटलमेंट से कुछ अस्थिरता आ सकती है.''मीणा ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर मानसून की चाल महत्वपूर्ण होगी और अच्छी बात है कि ये रफ्तार पकड़ रही है. उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक बाजारों में निवेशक कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price), डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (US Bond Yield) पर बारीकी से नजर रखेंगे.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि इस सप्ताह जून महीने के मंथली डेरिवेटिव कांट्रैक्ट के सेटलमेंट के कारण अस्थिरता अधिक रहेगी. अमेरिकी बाजारों (US Market) में हालिया गिरावट ने निश्चित रूप से बाजार को सतर्क कर दिया है, लेकिन डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 33,500 से ऊपर स्थिरता बनी हुई है. इससे सुधार की उम्मीद बनी हुई है.''उन्होंने कहा कि इसके अलावा मुनाफावसूली के बाद व्यापक सूचकांकों के प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी. वैश्विक शेयर बाजारों में मंदी के रुख और केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं ने पिछले सप्ताह निवेशकों को हतोत्साहित कर दिया.
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ''वैश्विक संदर्भ में, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक इस समय मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने पर जोर दे रहे हैं. उन्होंने तय लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई है.''उन्होंने कहा कि वैश्विक चिंताओं के बावजूद अनुकूल घरेलू आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों में सुधार के कारण घरेलू बाजार में कोई बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है.