मुंबई:
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 350 अंक टूटकर 26,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। वैश्विक स्तर पर वृद्धि को लेकर चिंता के बीच बाजार में चले बिकवाली के दौर से सेंसेक्स में तेज गिरावट आई। दो माह के बाद सेंसेक्स 26,000 अंक से नीचे आया है।
इसके अलावा पूंजी के बाह्य प्रवाह की आशंका के बीच रुपये में आई गिरावट तथा सितंबर माह में व्यापार घाटा 18 माह के उच्च स्तर पर पहुंचने की वजह से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 349.99 अंक या 1.33 प्रतिशत के नुकसान से 25,999.34 अंक पर आ गया। यह 13 अगस्त के बाद सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है।
मंगलवार को सेंसेक्स 34.74 अंक टूटा था। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट तथा एग्जिट पोल में बीजेपी को महाराष्ट्र और हरियाणा में लाभ की स्थिति में दिखाए जाने की वजह से एक समय कारोबार के दौरान सेंसेक्स 26,462.08 अंक पर पहुंच गया था। बाद में वैश्विक बाजारों के अनुरूप कारोबार के अंतिम दौर में बाजार में चली बिकवाली से एक समय सेंसेक्स गिरकर 25,933.98 अंक के निचले स्तर तक चला गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 115.80 अंक या 1.47 प्रतिशत के नुकसान से 7,800 अंक से नीचे यानी 7,748.20 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 7,729.65 से 7,893.90 अंक के दायरे में रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, ओएनजीसी, एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, डॉ रेड्डीज लैब, भारती एयरटेल व टाटा पावर के शेयरों में गिरावट आई।