मुंबई: Snapdeal IPO deferred: ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने 1250 करोड़ रुपये के अपने आईपीओ को लाने के प्लान को फिलहाल टाल दिया है. कंपनी ने शेयरा बाजार में टेक कंपनी के शेयरों में गिरावट के देखते हुए यह फैसला लिया है. बता दें कि कंपनी पिछले साल ही इसके लिए सेबी से मंजूरी ले ली थी.
स्नैपडील ने एनडीटीवी को अपने इस फैसले के बारे में बताया है. सॉफ्टबैंक समर्थित कंपनी ने कहा है कि वह कंपनी की जरूरतों को देखते हुए वह भविष्य में इस पर पुन: फैसला ले सकते हैं. पिछले कुछ महीनों से टेक कंपनियों के लिए काफी दिक्कत चल रही है. रूस-यूक्रेन लड़ाई के चलते बाजार में मंदी का डर सता रहा है और टेक कंपनियों के शेयर धड़ाम से नीचे की ओर गिर रहे हैं. वहीं फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई को काबू करने के लिए भी दरों में बढ़ोतरी की वजह से बाजार में निवेशकों के विश्वास का धक्का लगा है. इसी के साथ टेक कंपनियों द्वारा बने माहौल में कर्मचारियों की छंटनी ने आग में घी का काम किया है.
हाल ही खबर भी आई की स्नैपडील की प्रतिस्पर्धी कंपनी अमेजन अपने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है. यह कार्रवाई कंपनी के लगभग सभी विभागों में होगी. अमेजन में पूरी दुनिया में करीब 1.6 मिलियन लोगों को काम पर रखा हुआ है.
बाजार में हालात भी ठीक नहीं है. वॉलमार्ट समर्थित फ्लिपकार्ट इंडिया ने भी हाल ही सूचित किया है कि कंपनी को वित्तवर्ष 21-22 में 7800 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.
जानकारी के लिए बता दें कि भारत की ई-कॉमर्स मार्केट लगातार बढ़ती जा रही है. कुनाल बहल और रोहित बंसल द्वारा 2010 में स्थापित कंपनी ई-कॉमर्स क्षेत्र में काफी पहले उतरने वाली कंपनियों में से एक है. लेकिन बाजार में बड़ी और कैश से संपन्न कंपनियों जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट ने काफी इसे पीछे छोड़ दिया.
स्नैपडील पांचवीं टेक कंपनी है जिसने अपना आईपीओ प्लान टाल दिया है. इससे पहले फार्मईजी, बोट, ड्रूम और अप्पामेय इंजीनियरिंग अलग अलग समय में अपना पब्लिक ऑफर बाजार में लाने से टाल चुकी हैं.
टीपीजी और प्रोसुस से वित्तपोषित फॉर्मइजी ने 760 मिलियन डॉलर का आईपीओ लाने के लिए कागज जमा किए थे. अक्टूबर में ही बोट ने अपना आईपीओ लाने के फैसले को टाल दिया था.
नए जमाने की इन कंपनियों ने अपना अपना आईपीओ लाने के फैसले को इसलिये टाल दिया क्योंकि बाजार अभी उनके मुफीद नहीं है. इनमें पेटीएम नायका और जोमैटो भी शामिल हैं. टेक कंपनियों में निवेश के चलते लाखों लोगों को काफी घाटा हो रहा है. इसके चलते वर्तमान समय में लोगों का विश्वास बाजार के रुख को देखते हुए टेक कंपनियों में अभी नहीं है. ऐसे में इन कंपनियों को अपना अपना आईपीओ लाने का इरादा बदलना पड़ा है. जानकारों का कहना भी है कि हालात को देखते हुए निवेशक ऐसी कंपनियों में निवेश से बच रहे हैं. निवेशकों कंपनियों मुनाफा घटने की भी चिंता है.