यह ख़बर 22 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

छोटे शहरों में मिल रहे हैं रोजगार के बड़े अवसर : सर्वे

खास बातें

  • छोटे शहर और कस्बे विभिन्न क्षेत्रों के लिए रोजगार के बड़े गंतव्यों के रूप में उभर रहे हैं। खासकर इंजीनियरिंग और विनिर्माण के लिए। एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है।
नई दिल्ली:

छोटे शहर और कस्बे विभिन्न क्षेत्रों के लिए रोजगार के बड़े गंतव्यों के रूप में उभर रहे हैं। खासकर इंजीनियरिंग और विनिर्माण के लिए। एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है। माईहाइरिंगक्लब.काम के सर्वेक्षण में कहा गया है कि जनवरी से जून की अवधि में पुणे और हैदराबाद जैसे दूसरी श्रेणी के शहरों में एक साल पहले की तुलना में नियुक्ति गतिविधियों में 27 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इसके साथ ही जयपुर, गाजियाबाद और कोच्चि जैसे तीसरी श्रेणी के शहरों में एक साल पहले की तुलना में नियुक्ति गतिविधियों में 16 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। माईहाइरिंगक्लब.काम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा, मेट्रो शहरों की तुलना में टियर दो और टियर तीन शहरों में नियुक्तियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में नियुक्तियां बढ़ने की एक प्रमुख वजह यह है ये लागत की दृष्टि से कंपनियों के लिए सस्ते गंतव्य हैं। कुमार ने कहा, इन शहरों से नियुक्तियां बढ़ने की वजह मेट्रो शहरों में वेतन में इजाफा और कर्मचारियों की नौकरी बदलने की दर है। समीक्षाधीन अवधि में विनिर्माण और इंजीनियरिंग, एफएमसीजी, बीमा और बैंकिंग तथा आईटी-आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नियुक्ति गतिविधियां देखने को मिलीं। सर्वेक्षण में कहा गया कि इस साल की दूसरी छमाही में भी यही रुख जारी रहेगा। सर्वेक्षण के अनुसार, टियर दो और टियर तीन शहरों में कुल नियुक्तियों में से अकेले 31 प्रतिशत भर्तियां ही विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र में हुई। इसके बाद रिटेल क्षेत्र में 23 प्रतिशत, बीमा, बैंकिंग ओर अन्य वित्तीय सेवाओं में 19 प्रतिशत, एफएमसीजी में 19 प्रतिशत, आईटी-आईटीईएस में 17 प्रतिशत, दूरसंचार में 11 प्रतिशत और ढांचागत क्षेत्र में 9 प्रतिशत नियुक्तियां हुईं। 


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