खास बातें
- सिस्तेमा-श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। एसएसटीएल रूस की सिस्तेमाल तथा घरेलू कंपनी श्याम समूह की संयुक्त उद्यम है।
नई दिल्ली: सिस्तेमा-श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। एसएसटीएल रूस की सिस्तेमाल तथा घरेलू कंपनी श्याम समूह की संयुक्त उद्यम है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी घोटाला मामले में आठ अलग-अलग कंपनियों के कुल 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद दूरसंचार विभाग 1800 मेगाहर्ट्ज तथा 800 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रहा है।
1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में अखिल भारतीय स्तर पर काम करने के लिए 5 मेगाहर्ट्ज स्पेटक्ट्रम और लाइसेंस की नीलामी के लिए आधार मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया है। इसी तरह, सीडीएमए ऑपरेटरों के लिए 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य 1.3 गुना यानी 18,200 करोड़ रुपये है।
एसएसटीएल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कंपनी का 21 लाइसेंस रद्द हुआ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एसएसटीएल बार-बार यह कहती रही है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से वह गलत तरीके दंडित हुई है और कंपनी ने लाइसेंस बहाल करने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की हुई है।’
कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’
प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी।