खास बातें
- कंपनी ने दावा किया कि नाकाबंदी और प्रदर्शन के चलते उसे परियोजना छोड़ने को बाध्य किया गया।
कोलकाता: टाटा मोटर्स ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को बताया कि उसने सिंगूर परियोजना नहीं छोड़ी थी। कंपनी ने दावा किया कि नाकाबंदी और प्रदर्शन के चलते उसे परियोजना छोड़ने को बाध्य किया गया। सिंगूर में अनिच्छुक किसानों को जमीन लौटाने के लिए एक कानून बनाकर टाटा मोटर्स से जमीन वापस लेने के राज्य सरकार के कदम को चुनौती देते हुए कंपनी के वकील एस मित्रा ने न्यायमूर्ति सौमित्र पाल के समक्ष कहा कि उसपर भूमि छोड़ने का गलत आरोप लगाया गया है। इससे पहले, महाधिवक्ता आनिंद्या मित्रा ने कहा था कि टाटा मोटर्स ने आशंका जताई थी कि भूमि सरकार द्वारा ले ली जाएगी। जमीनी सचाई यह है कि जमीन पहले से ही सरकार के कब्जे में थी।