मुंबई:
शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई और सेंसेक्स 256 अंक से अधिक गिरकर 29,000 अंक के नीचे बंद हुआ। बजट से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और मुनाफावसूली की, जिससे बाजार नीचे आया।
तेल एवं गैस, रीयल्टी, उपभोक्ता टिकाऊ, रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी), बैंक, धातु, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, वाहन, आईटी, बिजली तथा पूंजीगत वस्तुओं के क्षेत्र में सर्वाधिक बिकवाली दबाव देखा गया।
शुक्रवार को 230 अंक की गिरावट के बाद 30 शेयरों वाला बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सकारात्मक रहा, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई और मुनाफावसूली से 29,000 अंक से नीचे 28,913.16 अंक तक चला गया। अंत में यह 256.30 अंक या 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,975.11 पर बंद हुआ।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स मजबूत होकर 29,362.96 अंक तक चला गया था। 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 78.65 अंक या 0.89 प्रतिशत कमजोर होकर 8,754.95 अंक पर बंद हुआ।
जिन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, उसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लिमिटेड, ओएनजीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, आईटीसी लिमिटेड, एसबीआई, इंफोसिस, भारती एयरटेल, गेल, सिप्ला, हिंडाल्को, टाटा पावर, टाटा स्टील, सन फार्मा, टाटा मोटर्स तथा भेल शामिल हैं।
कारोबारियों के अनुसार बजट से पहले निवेशकों के सतर्क रुख तथा मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आई। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में मिले-जुले रुख का भी घरेलू शेयर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।