नई दिल्ली:
सेबी के अपीलीय प्राधिकार ने एमसीएक्स एक्सचेंज को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया का आरटीआई के जरिये खुलासा करने को कहा, क्योंकि ऐसी सूचनाएं अब गोपनीय नहीं रह सकतीं।
सेबी से यह जानकारी सूचना के अधिकार के जरिये मांगी गई है। सूचना के अधिकार अधिनियम के जरिए सूचनाएं देने से इनकार करने के मद्देनजर बाजार नियमाक के खिलाफ सुनवाई करते हुए अपीलीय प्राधिकार ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स को मान्यता प्रदान करने से जुड़ी प्रक्रिया 2008 में पूरी हो गई थी।
अपीलीय प्राधिकार ने कहा, ऐसी स्थिति में मेरा मानना है कि ऐसी मान्यता से जुड़ी निर्णय प्रक्रिया को सूचना के अधिकार अधिनियम से पूरी छूट नहीं दी जा सकती, हालांकि इसके कुछ हिस्से को भले ही इसके दायरे में रखा जा सकता है। हालांकि गोपनीयता के सिद्धांत के उल्लंघन से शेयर बाजारों की प्रतिस्पर्धी स्थिति को उल्लेखनीय नुकसान पहुंच सकता है और भविष्य में ऐसी इकाइयों से आवश्यक जानकारी हासिल करने की नियामक की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
अपीलीय प्राधिकार ने कहा, इसलिए प्रतिवादी 2008 में एमसीएक्स को दी गई मान्यता पर टिप्पणियों की जांच कर सकता है, ताकि यह तय किया जा सके किस सूचना का खुलासा न किया जाए। प्राधिकार ने सेबी से कहा कि वह अपीलकर्ता के आवेदन पर फिर से विचार करे और 16 जनवरी को पारित आदेश प्राप्त होने के 20 कार्यदिवस के भीतर आवेदक को उचित जवाब दे।