खास बातें
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह एफआईआई ने 1.24 करोड़ डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे।
मुम्बई: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त कारोबारी सप्ताह में तीन सप्ताह बाद तेजी लौटने के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के बीच लिवाली के लिए विशेष उत्साह नहीं दिखाई पड़ा। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह एफआईआई ने 1.24 करोड़ डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे। फरवरी माह में एफआईआई ने सिर्फ 1.897 करोड़ रुपये की खरीददारी की, जबकि जनवरी माह में एफआईआई ने 1.05 अरब डॉलर मूल्य के शेयर बेचे थे। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 482.91 अंकों या 2.72 फीसदी तेजी के साथ 18,211.52 अंक पर बंद हुआ। इस साल की जा रही बिकवाली के उलट 2010 में एफआईआई ने 28.83 अरब डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे थे, जिसके कारण शेयर बाजार में तेजी देखी गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नियमों में की जा रही सख्ती के कारण विदेशी निवेशकों में बिकवाली की प्रवृत्ति देखी जा रही है। मौद्रिक नियमों में सख्ती के कारण कारोबारी कम्पनियों खास तौर से विनिर्माण कम्पनियों के मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा मध्यपूर्व और उत्तरी अफ्रीकी देशों में राजनीतिक अस्थिरता का भी निवेशकों पर नकारात्मक असर पड़ा है। मुनाफा वसूली के कारण इस साल भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। सेंसेक्स 31 दिसम्बर, 2010 के 20,250.26 के स्तर से अब तक 10 फीसदी नीचे लुढ़क चुका है।