खास बातें
- सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच से मंदड़ियों के बीच साठगांठ के कम-से-कम तीन मामलों का पता चला है।
नई दिल्ली: पिछले कुछ महीने से शेयर बाजारों में जारी गिरावट के पीछे गड़बड़ी की आशंका के बीच बाजार नियामक सेबी ब्रोकरेज कंपनियों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और म्युचुअल फंड जैसी 25 इकाइयों की जांच कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच से मंदड़ियों के बीच साठगांठ के कम-से-कम तीन मामलों का पता चला है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक्सचेंजों और विभिन्न बाजारों से पिछले तीन महीने में सबसे अधिक प्रभावित शेयरों के सौदों के स्वरूप और प्रवृत्ति आदि की सूचना प्राप्त करने का निर्णय लिया है। मंदड़िया आपस में मिलकर कुछ शेयरों का बाजार तोड़ते हैं। यह काम वे या तो खुद उन शेयरों को शेयरों की लिवाली के लिए या फिर कंपनी के व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर करते हैं। उल्लेखनीय है कि पांच नवंबर को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 21,004 अंक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद से यह 3,000 से अधिक अंक या 15 फीसद नीचे आ गया है। इस गिरावट के चलते बंबई स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज सभी शेयरों की कुल बाजार हैसियत लगभग 15,00,000 करोड़ रुपये घट चुकी है। सूत्रों के अनुसार सेबी को संदेह हैं कि मंदड़ियों के साठगांठ में 25 ब्रोकर, दलाल, विदेशी संस्थागत निवेशक और घरेलू म्युचुअल फंड शामिल हो सकते हैं।