खास बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वह इसके उत्पादन एवं इस्तेमाल के विनियमन की संस्था बनाए।
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने देश में एस्बेसटस पर रोक लगाने से इनकार करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वह इसके उत्पादन एवं इस्तेमाल के विनियमन की संस्था बनाए। अस्थायी शेड और दीवारें बनाने के काम में लाए जाने वाले एसबेस्टस को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जाता है। मुख्य न्यायाधीश एचएस कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने विभिन्न राज्य सरकारों से कहा है कि वे इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के 1995 के आदेश का पालन करें। न्यायमूर्ति केएस पनिकर राधाकृष्णन तथा न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने इस निर्देश के साथ ही गैर-सरकारी संगठन कल्याणेश्वरी द्वारा इस मामले में दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। कल्याणेश्वरी ने 2004 में एस्बेसटस के इस्तेमाल पर रोक के लिए याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि एस्बेसटस से बनी छतों के नीचे रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को इससे काफी खतरा है। न्यायालय ने कल्याणेश्वरी की याचिका खारिज करते हुए इसके पीछे उसकी मंशा पर भी सवाल उठाया।