खास बातें
- रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों पर अपने खर्च में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है।
New Delhi: देश की प्रमुख कंपनियां वृद्धि के लिए कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों पर अपने खर्च में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। देश की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों का कर्मचारियों पर औसत खर्च 31 मार्च, 2011 को समाप्त वित्तवर्ष में 27 प्रतिशत बढ़ा है। इन कंपनियों में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज, बैंकिंग कंपनियां आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक और आईटी कंपनियां इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो शामिल हैं। सेंसेक्स की कंपनियों की कर्मचारियों की लागत अधिकतम 51 प्रतिशत और न्यूनतम 19 फीसदी बढ़ी है। यह सालाना आंकड़ों पर आधारित है, जो अभी जारी नहीं हुए हैं। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अभी तक नौ ने अपने सालाना खातों को जारी किया है। वित्तवर्ष 2010-11 में इनमें से किसी भी कंपनी की कर्मचारियों की लागत में कमी नहीं आई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कर्मचारियों की लागत 19 प्रतिशत बढ़कर 3,324 करोड़ रुपये रही। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की कर्मचारी लागत भी इतना ही बढ़कर 4,392.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। अन्य कंपनियों में मारुति की कर्मचारियों की लागत 29 प्रतिशत, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की 32 फीसदी, एचडीएफसी बैंक की 25 प्रतिशत और जिंदल स्टील एंड पावर की 51 प्रतिशत बढ़ी। कुल मिलाकर इन सभी कंपनियों का कर्मचारियों पर खर्च 27 प्रतिशत या 10,000 करोड़ रुपये बढ़कर 55,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस की कर्मचारियों की लागत 23 प्रतिशत बढ़कर 14,856 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, वहीं टीसीएस की 26 फीसदी की वृद्धि के साथ 13,726 करोड़ रुपये रही। विप्रो की कर्मचारी लागत 18 प्रतिशत बढ़कर 12,687 करोड़ रुपये रही।