खास बातें
- रूस ने भारत में अपनी कंपनियों से 'उचित व्यवहार' पर जोर देते हुए मंगलवार को रूसी कंपनी सिस्तेमा के समक्ष आ रही दिक्कतों पर चिंता जताई।
नई दिल्ली: रूस ने भारत में अपनी कंपनियों से 'उचित व्यवहार' पर जोर देते हुए मंगलवार को रूसी कंपनी सिस्तेमा के समक्ष आ रही दिक्कतों पर चिंता जताई।
सिस्तेमा ने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में लगभग तीन अरब डॉलर का निवेश किया लेकिन 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के इस वर्ष फरवरी के आदेश के तहत उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
रूस के उपप्रधानमंत्री दमित्री रोगोजिन ने इस मामले में अपने देश की नाराजगी को यहां विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया जबकि उन्होंने जोर दिया कि यह 'संवेदनशील' मुद्दा है जिसको सुलझाए जाने की जरूरत है।
सिस्तेमा का भारत के साथ संयुक्त उद्यम सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज है। उच्चतम न्यायालय ने इस साल फरवरी में 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द किए जिनमें इस कंपनी का लाइसेंस भी है। रोगोजिन ने कहा कि उनके साथ प्रतिनिधि मंडल में जेएसएफसी सिस्तेमा के निदेशक मंडल के चेयरमैन व्लादिमीर पी येवतुशेंकोव भी आये हैं जो इस बात का प्रमाण है कि उनके देश के लिए यह मुद्दा कितना महत्वपूर्ण है।
रोगोजिन ने कहा, 'हमें लगता है कि इस संवेदनशील मामले में, हमें स्थानीय बाजारों में भागीदारी कर रही रूसी आर्थिक इकाइयों से उचित व्यवहार होना चाहिए।'