खास बातें
- एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमान व रवि रुइया और लूप टेलीकॉम के आईपी खेतान व किरण खेतान 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत के सामने पेश नहीं हुए।
नई दिल्ली: एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमान व रवि रुइया और लूप टेलीकॉम के आईपी खेतान व किरण खेतान 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत के सामने पेश नहीं हुए। उनके वकीलों ने उनकी गैर-हाजिरी के बारे में दलील दी कि पेशी का सम्मन सही ढंग से तामील नहीं कराया गया था।
एक अन्य अभियुक्त और एस्सार समूह के निदेशक (रणनीति और योजना) विकास सर्राफ के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा, ‘‘मेरे मुवक्किल को उनके सही घर के पते पर सम्मन नहीं भेजा गया और इस समय विदेश में हैं, लिहाजा उनकी दरख्वास्त है कि उन्हें पेशी से एक महीने की छूट दी जाए।’’
रुइया और खेतान परिवार की ओर से भी सम्मन ठीक से तामील न कराए जाने की दलील दी गई। विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने 21 दिसंबर को एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमान और रवि रुइया, लूप टेलीकाम प्रवर्तक आईपी खेतान और किरण खेतान, वकास सर्राफ तथा मामले में कथित रूप से सम्बद्ध तीन कंपनियों के खिलाफ सम्मन जारी किया था। 2जी घोटाले की जांच से जुड़े सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए ये सम्मन जारी किए गए थे। हालांकि आरोपी कंपनियों - लूप टेलीकाम प्राईवेट लिमिटेड, लूप मोबाईल इंडिया लिमिटेड और एस्सार टेलीहोल्डिंग्स के प्रतिनिधियों ने अपनी पेशी दर्ज कराई।