खास बातें
- रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 5,376 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 14.1% अधिक है।
Mumbai: बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने 31 मार्च, 2011 को समाप्त तिमाही में 5,376 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही से 14.1 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान उसके मुख्य क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के उत्पादन में गिरावट आई है। कंपनी ने कहा है कि तिमाही के दौरान उसका शुद्ध मुनाफा 5,376 करोड़ रुपये या 16.4 रुपये प्रति शेयर रहा है। इससे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 4,710 करोड़ रुपये या 15.7 रुपये प्रति शेयर रहा था। आंध्र प्रदेश तट पर केजी-डी6 क्षेत्र से कंपनी का गैस उत्पादन घटकर 5 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन पर आ गया है। कंपनी का अनुमान है कि अगले वित्तवर्ष में यह और घटकर 4.6 से 4.7 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन रह जाएगा। रिलायंस ने हालांकि केजी-डी6 क्षेत्र से जनवरी-मार्च तिमाही के लिए औसत उत्पादन का अनुमान नहीं दिया है, पर विश्लेषकों का कहना है कि यह मार्च, 2010 के 6.15 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन से कम से कम 20 प्रतिशत कम है। केजी-डी6 के अलावा पन्ना-मुक्ता और ताप्ती गैस क्षेत्रों से भी कंपनी का उत्पादन घटा है। केजी-डी6 से कंपनी के कच्चे तेल उत्पादन में भी कमी आई है। चौथी तिमाही के दौरान तेल एवं गैस कारोबार से कंपनी का राजस्व 5 प्रतिशत घटकर 4,104 करोड़ रुपये रह गया, वहीं इस क्षेत्र का मुनाफा 8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,569 करोड़ रुपये रहा। रिफाइनिंग कारोबार में कंपनी का मार्जिन 9.2 डॉलर का रहा, जो पिछली आठ तिमाहियों में सर्वाधिक है। जनवरी-मार्च की तिमाही में रिलायंस ने प्रत्येक बैरल कच्चे तेल को पेट्रोलियम उत्पाद में बदलने पर 9.2 डॉलर कमाए, पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में सकल रिफाइनिंग मार्जिन 7.5 डॉलर प्रति बैरल था। इस क्षेत्र से कंपनी की आमदनी 22 प्रतिशत बढ़कर 62,704 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,509 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री बढ़कर 72,674 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 55,570 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनी का शुद्ध लाभ 25 प्रतिशत के इजाफे के साथ 20,286 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी की बिक्री 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,48,170 करोड़ रुपये रही है।