यह ख़बर 31 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एफआईआई का मुकेश अंबानी से मोहभंग, अनिल से लगाव

खास बातें

  • 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान आरआईएल में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत से घटकर 17.37 प्रतिशत रह गई।
नई दिल्ली:

विदेशी निवेशकों का मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली आरआईएल से मोह भंग होता नजर आ रहा है और चालू वित्त वर्ष में उन्होंने कंपनी में अनुमानित 1,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। वहीं दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों ने इतने ही मूल्य के टाटा और अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के शेयर खरीदे। 30 जून को समाप्त पहली तिमाही के दौरान आरआईएल में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत से घटकर 17.37 प्रतिशत रह गई। कंपनी के शेयरों के औसत बाजार मूल्य के लिहाज से एफआईआई ने इस दौरान 1,043 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की अन्य कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर में विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 0.81 प्रतिशत से घटाकर 0.44 प्रतिशत कर ली। इस तरह से, विदेशी निवेशकों ने दोनों कंपनियों में कुल 1,046.74 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। वहीं दूसरी ओर, एफआईआई ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों में समीक्षाधीन तिमाही में अनुमानित 300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध लिवाली की, जबकि टाटा समूह की कंपनियों के करीब 700 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर उन्होंने खरीदे।


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