यह ख़बर 10 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 1100 करोड़ रुपये की पूंजी

खास बातें

  • सरकार ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की माली हालत मजबूत बनाने के तहत उन्हें 1100 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
New Delhi:

सरकार ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की माली हालत मजबूत बनाने की कवायद को आगे बढ़ाते हुए उन्हें 1100 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में एक प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया गया। इससे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बैठक के बाद इसकी जानकारी देते हुए कहा, केंद्र सरकार का हिस्सा व्यय विभाग द्वारा 2010-11 और 2011-12 में किए गए प्रावधान के अनुसार जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा, हालांकि, केंद्र सरकार का हिस्सा राज्यों और प्रायोजक बैंक के हिस्से के अनुरुप ही जारी किया जाएगा। देश में इस समय 82 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक हैं। इनमें केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 15 प्रतिशत और प्रायोजक बैंक 35 प्रतिशत का हिस्सेदार है। इसलिये केंद्र ने कहा है कि वह राज्यों और प्रायोजक बैंक द्वारा अपने हिस्से की राशि जारी करने के अनुपात में ही राशि जारी करेगा। सरकार ने रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर डॉ केसी चक्रवर्ती की अध्यक्षता में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थिति जायजा लेने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने बैंकों की जोखिम पूंजी प्रावधान को मार्च, 2011 तक सात प्रतिशत और मार्च 2012 तक नौ प्रतिशत तक बढ़ाने की सिफारिश की थी। समिति के अनुसार 82 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में से 40 बैंकों को 2,200 करोड़ रुपये की पूंजी की आवश्यकता होगी। यह राशि 2010-11 और वर्ष 2011-12 दो किश्तों में उपलब्ध करानी होगी। मंत्रिमंडल ने इसके अलावा 100 करोड़ रुपये के एक क्षमता निर्माण कोष को भी मंजूरी दी है। यह कोष नाबार्ड के साथ मिलकर बनाया जाएगा। इससे क्षत्रीय ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों को नाबार्ड तथा अन्य प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा 700 करोड़ रुपये का एक और आपात कोष बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इससे विशेष तौर पर पूर्वोत्तर और पूर्वी क्षेत्र के कमजोर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके लिए जब भी जरूरत होगी बजट में प्रावधान किया जाएगा।


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