खास बातें
- पहले केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, जबकि पिछले वित्तवर्ष में जीडीपी में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्तवर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, जबकि पिछले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक साल पहले की तुलना में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
केंद्रीय बैंक ने तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की समीक्षा में कहा है कि पहले भी वृद्धि दर के अनुमान से नीचे रहने का जोखिम बना हुआ था। अब यह जोखिम उभरकर सामने आ गया है, जिसके मद्देनजर वृद्धि दर के अनुमान को कम किया जा रहा है। चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही थी, जो दूसरी तिमाही में और घटकर 6.9 प्रतिशत पर आ गई।
आर्थिक वृद्धि दर में कमी की मुख्य वजह औद्योगिक उत्पादन में गिरावट है। हालांकि, इस दौरान सेवा क्षेत्र मजबूती से खड़ा रहा। चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही में औसत आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही है, जो 2010-11 की पहली छमाही में 8.6 प्रतिशत रही थी।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि देश में औद्योगिक उत्पादन की धीमी रफ्तार तथा निवेश में कमी में वैश्विक कारकों का ‘योगदान’ सीमित है। वास्तविकता यह है कि कई घरेलू कारकों, खराब राजकोषीय स्थिति, ऊंची ब्याज दरें और नीति तथा प्रशासनिक अनिश्चितता की वजह से औद्योगिक उत्पादन और निवेश प्रभावित हुआ है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि अगले साल के लिए वृद्धि दर के अनुमान का ऐलान 17 अप्रैल को की जाने वाली सालाना मौद्रिक नीति की समीक्षा में किया जाएगा।