खास बातें
- आर-एडीएजी ने बयान जारी कर कहा कि हाल के दिनों में मंदड़ियों के एक खास गुट की वजह से तीन लाख करोड़ की बाजार पूंजी बरबाद हो गई है।
New Delhi: द रिलायंस अनिल धीरूभाई अम्बानी समूह (आर-एडीएजी) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि हाल के दिनों में मंदड़ियों के एक खास गुट की वजह से तीन लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी बरबाद हो गई है। साथ ही समूह ने सम्बंधित एजेंसी से इस मामले की जांच करने की मांग की है। समूह के प्रबंध निदेशक गौतम दोषी ने कहा, "एक कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वी द्वारा बुधवार को पूरी तरह से आधारहीन अफवाहें फैलाई गईं। एक अवैध मंदड़िया गुट ने भी आधारभूत संरचना क्षेत्र के शेयरों की तीन लाख करोड़ की बाजार पूंजी बरबाद कर दी।" उन्होंने एक सम्मेलन 'निवेशक एवं पत्रकार' में कहा, "हमने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और स्टॉक एक्सचेंजों को लिखा है कि वे बाजार को अस्थिर करने ओर निवेशकों की भावनाओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश की तुरंत जांच करें।" दोषी ने कहा, "बाजार प्रशासन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तंत्र से सुसज्जित है। हमें पूरा विश्वास है कि जानबूझकर कीमतों में लाई गई गिरावट का शीघ्र खुलासा होगा।" समूह द्वारा जारी इस बयान के बाद रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में उछाल देखा गया और बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह दोपहर में 10.69 फीसदी की तेजी के साथ 591.85 पर कारोबार कर रहा था। दोषी ने यह बात मीडिया में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट के हवाले से मीडिया में आई कुछ टिप्पणियों के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंफ्रा को संस्थान से इस तरह का भी संदेश अथवा टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "संस्थान ने केवल ऑडिट की हुई बैलंस शीट की प्रतियों की मांग की थी।" यह एक सार्वजनिक दस्तावेज है और पहले से ही प्राधिकरणों और 15 लाख शेयरधारकों के पास है। उन्होंने कहा कि संस्थान यह जानना चाहता था कि क्यों संस्थान ने चक्रीय ऑडिट की नीति को अपनाया और समूह ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "यह अंतरराष्ट्रीय पद्धति के अनुरूप है और कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय भी यही चाहता है।"