यह ख़बर 02 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मुखर्जी ने विकास दर अनुमान घटाकर 7.5% किया

खास बातें

  • शुरुआती दो तिमाहियों में विकास दर में गिरावट के बाद प्रणब मुखर्जी ने वार्षिक विकास दर अनुमान को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है।
New Delhi:

चालू वित्त वर्ष की शुरुआती दो तिमाहियों में विकास दर में गिरावट के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वार्षिक विकास दर अनुमान को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है जबकि बजट भाषण में नौ फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया था। राजधानी में 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' में मुखर्जी ने कहा, "मैं विनम्र हूं, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैं बजट भाषण में तय लक्ष्य को प्राप्त करने जा रहा हूं। बजट भाषण में नौ फीसदी का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 0.25 फीसदी की कमी या वृद्धि सम्भव है। मैं इसे घटाकर करीब 7.5 फीसदी करने जा रहा हूं।" चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में विकास दर घटकर 7.3 फीसदी हो गई है जो बजटीय अनुमान से कम है। पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 7.7 फीसदी और दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर) में विकास दर 6.9 फीसदी रही। मुखर्जी ने कहा कि सरकार प्रोत्साहन पैकेज के माध्यम से विकास दर को बढ़ावा देने में सक्षम नहीं है जैसा उसने वर्ष 2008-09 की मंदी के दौरान किया था। उन्होंने कहा, "मैं वर्ष 2008-09 की तरह प्रोत्साहन पैकेज मुहैया कराने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन कुछ नीतिगत परिवर्तन से स्थिति में कुछ बदलाव हो सकता है जिसे हम कर रहे हैं।" मुखर्जी ने आशा जाहिर की कि सरकार प्रमुख आर्थिक सुधारों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सहमति कायम करने में सफल हो जाएगी, जो विकास को गति देने के लिए बेहद जरूरी है।


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