खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने अमेरिका की ऋण साख घटाए जाने को गंभीर स्थिति करार देते हुए कहा है कि इसका विस्तृत विश्लेषण किया जाना चाहिए।
नई दिल्ली: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने अमेरिका की ऋण साख घटाए जाने को गंभीर स्थिति करार देते हुए कहा है कि इसका विस्तृत विश्लेषण किया जाना चाहिए। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अमेरिकी सरकार की ऋण साख का दर्जा घटा दिया है। एजेंसी ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग को एएए से घटाकर एएप्लस कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों का भरोसा घटेगा। मुखर्जी ने कहा, हमें इसका विश्लेषण करना होगा। इसमें कुछ समय लगेगा। स्थिति गंभीर है और बिना किसी आधार के टिप्पणी करने का कोई फायदा नहीं है। एशिया समेत वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आने के एक दिन बाद अब अमेरिका की ऋण साख घटने की स्थिति सामने आई है। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को एक समय 700 से अधिक अंक नीचे आ गया था। वित्तमंत्री ने शेयर बाजारों में गिरावट के बारे में शुक्रवार को कहा था कि यह स्थिति वैश्विक कारणों की वजह से बनी है। इसका घरेलू स्थिति से कोई लेनादेना नहीं है। वहीं बाजार नियामक सेबी ने कहा था कि उसकी स्थिति पर निगाह है। सेबी के चेयरमैन यूके सिन्हा ने कहा, हमारी जोखिम प्रबंधन प्रणाली बेहतर तरीके से काम कर रही है।